रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ के व्यापारिक एवं औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत बनाने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से 11 सितंबर को होटल बेबिलॉन इंटरनेशनल में ‘रायपुर एयर कार्गो एंड लॉजिस्टिक्स समिट 2026’ का आयोजन किया गया। एयर इंडिया SATS (AISATS) द्वारा एयर इंडिया और इंडिगो के सहयोग से आयोजित इस समिट में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
विगत वर्षों से बंद पड़ी एयर कार्गो सेवा के पुनः शुरू होने और रायपुर से ही घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय कंसाइनमेंट डिस्पैच की सुविधा उपलब्ध होने से प्रदेश के निर्यातकों, उद्यमियों और व्यापारियों में उत्साह देखा गया। इससे स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
चेंबर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य होने के साथ-साथ खनिज संसाधनों के क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश के हस्तशिल्प, वनोपज, कृषि और फार्मा उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग है। एयर कार्गो सेवा का पुनः शुरू होना प्रदेश के आयात-निर्यात क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के रोडमैप को मजबूत करने के साथ स्थानीय व्यापारियों और उद्योगपतियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
चेंबर ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव
समिट के दौरान चेंबर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी एवं पदाधिकारियों ने AISATS तथा एयरलाइंस प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर एयर कार्गो सेवा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
1. सिंगल विंडो डॉक्युमेंटेशन एवं थ्रू AWB:
रायपुर से बुक होने वाले अंतरराष्ट्रीय कंसाइनमेंट के लिए थ्रू एयर वे बिल (AWB) की सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया, जिससे व्यापारियों को दिल्ली या मुंबई जैसे गेटवे एयरपोर्ट पर दोबारा डॉक्युमेंटेशन और हैंडलिंग की प्रक्रिया से राहत मिल सके।
2. प्रतिस्पर्धी एवं एकीकृत माल-भाड़ा दरें:
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय डिस्पैच के लिए पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी टैरिफ निर्धारित करने की मांग की गई, ताकि व्यापारी अपनी कुल परिवहन लागत का बेहतर आकलन कर सकें।
3. कोल्ड-चेन एवं तापमान नियंत्रित स्टोरेज:
फल-सब्जी, वनोपज और फार्मा जैसे पेरिशेबल उत्पादों के लिए एयर कार्गो टर्मिनल पर कोल्ड स्टोरेज एवं तापमान नियंत्रित भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।
4. घरेलू उड़ानों में सुनिश्चित कार्गो स्पेस:
रायपुर से प्रमुख महानगरों के लिए संचालित घरेलू उड़ानों में कार्गो के लिए प्राथमिकता के आधार पर स्पेस आरक्षित रखने की मांग की गई, ताकि माल की ऑफ-लोडिंग और अनावश्यक देरी की समस्या कम हो।
5. ट्रेड हेल्पडेस्क एवं संयुक्त कार्यशालाएं:
व्यापारियों को पैकेजिंग मानकों और कस्टम्स प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए ट्रेड हेल्पडेस्क एवं कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया गया। इससे पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों और एमएसएमई इकाइयों को लाभ मिलेगा।
समय और लागत दोनों में होगी बचत : अजय भसीन
चेंबर महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि एयर कार्गो सेवा शुरू होने से प्रदेश के व्यापारियों और एमएसएमई क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारी के लिए समय और लागत सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। रायपुर से सीधे कार्गो डिस्पैच की सुविधा नहीं होने के कारण व्यापारियों को माल सड़क या रेल मार्ग से मुंबई, दिल्ली अथवा नागपुर जैसे शहरों तक भेजना पड़ता था। इसके बाद कस्टम क्लियरेंस और बुकिंग में अतिरिक्त समय और लागत लगती थी।
उन्होंने कहा कि अब रायपुर से ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंसाइनमेंट डिस्पैच की सुविधा मिलने से माल तेजी से गंतव्य तक पहुंचेगा। इससे व्यापारियों का टर्नअराउंड टाइम कम होगा और कार्यशील पूंजी का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
रायपुर को कार्गो गेटवे के रूप में विकसित करने की तैयारी
समिट में AISATS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनाथन, मुख्य परिचालन अधिकारी सलीम चौधरी, हेड ऑफ कार्गो राज महामिया, हितेश वर्मा, मनमीत सिंह ब्रह्मा, पी.आर. आनंदराव और शैलेष कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में सेवाओं के विस्तार पर प्रसन्नता व्यक्त की।
AISATS अधिकारियों ने कहा कि रायपुर एयर कार्गो टर्मिनल के माध्यम से छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के एक महत्वपूर्ण कार्गो गेटवे के रूप में विकसित किया जा रहा है। एयर इंडिया और इंडिगो की नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षित, तेज और आधुनिक लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में एविएशन, सप्लाई चेन, फ्रेट फॉरवर्डर्स, शिपर्स तथा चेंबर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं व्यापारी शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन के बाद नेटवर्किंग एवं सह-भोज का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर चेंबर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, कार्यकारी महामंत्री विकास आहूजा, उपाध्यक्ष लोकेश चंद्रकांत जैन, टी. श्रीनिवास रेड्डी, राजकुमार तारवानी, दिलीप इसरानी, महेन्द्र कुमार बारोड़िया, अमरदास खट्टर, सोनिया साहू, राजेश गुरनानी, मंत्री प्रशांत गुप्ता, धनेश मटलानी, रितेश वाधवा, जतिन नचरानी, राजेंद्र पारख, सरदार गुरजीत सिंह, शंकर पिंजानी, नितेश अग्रवाल सहित चेंबर के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।







