रायपुर (विश्व परिवार)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने तथा पुराने क्षतिपूर्ति विवादों के समाधान के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं। इनमें ‘कर्मचारी नामांकन योजना-2025’ और ‘विश्वास-2026’ शामिल हैं। EPFO क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा इन योजनाओं को लेकर नियोक्ताओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
31 अक्टूबर 2026 तक कर्मचारी नामांकन का मौका
ईपीएफ कवरेज से 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच छूटे हुए पात्र कर्मचारियों को EPF के दायरे में लाने और उनके पिछले अनुपालन को नियमित करने के लिए कर्मचारी नामांकन योजना-2025 शुरू की गई है। योजना की घोषणा केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने EPFO के 73वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान की थी।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त एवं कार्यालय प्रभारी जयवदन इंगले ने बताया कि योजना का उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना, सभी पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना और पूर्व नियमितीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाना है। यह योजना 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी।
इस योजना के तहत सभी प्रतिष्ठान EPFO पोर्टल के माध्यम से 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच नियुक्त ऐसे पात्र कर्मचारियों की घोषणा कर सकते हैं, जो किसी कारणवश EPF कवरेज से छूट गए थे।
सिर्फ 100 रुपये में अनुपालन नियमित करने का अवसर
योजना की खास बात यह है कि तीनों EPF योजनाओं के लिए प्रत्येक प्रतिष्ठान को केवल 100 रुपये का एकमुश्त हर्जाना देना होगा। इससे नियोक्ताओं को पूर्व में हुई अनुपालन संबंधी चूक या त्रुटियों को न्यूनतम हर्जाने के साथ सुधारने का अवसर मिलेगा।
EPFO के अनुसार, यह पहल स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और सभी पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से लाभान्वित होने वाले प्रतिष्ठान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए भी पात्र हो सकते हैं।
पुराने क्षतिपूर्ति विवादों के लिए ‘विश्वास-2026’
इसके साथ ही EPFO ने नियोक्ताओं के पुराने क्षतिपूर्ति (Damages) विवादों के सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए ‘विश्वास-2026’ योजना शुरू की है। EPFO क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा इस योजना को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
यह योजना 29 जून 2026 से छह महीने की अवधि के लिए लागू है। इसका उद्देश्य कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 14B तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 128 के तहत लगाए गए क्षतिपूर्ति से जुड़े पुराने विवादों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान करना है।
इन मामलों को मिलेगा योजना का लाभ
‘विश्वास-2026’ के तहत ऐसे मामलों को शामिल किया गया है, जिनमें—
- मामला न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकरण के समक्ष लंबित है।
- अंतिम क्षतिपूर्ति आदेश पारित हो चुका है, लेकिन उसकी वसूली लंबित है।
- Pre-adjudication के ऐसे मामले हैं, जिनमें नोटिस जारी हो चुका है, लेकिन अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ है।
- ऐसे मामले जिनमें अभी नोटिस जारी किया जाना बाकी है।
पात्र मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्षतिपूर्ति राशि की पुनर्गणना और निपटान की सुविधा उपलब्ध होगी।
क्षतिपूर्ति में विशेष रियायत, लेकिन PF अंशदान और ब्याज में छूट नहीं
‘विश्वास-2026’ के तहत EPF Scheme, 2026 के पैरा 32A के अनुसार क्षतिपूर्ति राशि में विशेष रियायत का प्रावधान किया गया है। पात्र मामलों में संशोधित दरों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर क्षतिपूर्ति विवादों का निपटारा किया जा सकेगा।
हालांकि, योजना के तहत PF अंशदान और वैधानिक ब्याज में कोई छूट नहीं दी जाएगी। नियोक्ता को योजना का लाभ लेने के लिए वैधानिक ब्याज सहित आवश्यक देय राशि का पूरा भुगतान करना होगा।
अनुपालन सुधार और Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा
EPFO का मानना है कि पुराने क्षतिपूर्ति विवादों के त्वरित समाधान से लंबित मुकदमों में कमी आएगी और नियोक्ताओं के लिए अनुपालन व्यवस्था आसान होगी। इससे पुराने मामलों का शीघ्र निपटारा, अनुपालन में सुधार, Ease of Doing Business को बढ़ावा और कर्मचारियों के वैधानिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
EPFO क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे ‘कर्मचारी नामांकन योजना-2025’ और ‘विश्वास-2026’ की पात्रता एवं प्रावधानों का लाभ उठाकर समयबद्ध तरीके से अनुपालन पूरा करें और पुराने क्षतिपूर्ति विवादों का समाधान सुनिश्चित करें।







