नई दिल्ली (विश्व परिवार)। सी. पी. राधाकृष्णन श्रीलंका दौरे के दौरान सीता एलिया स्थित सीता अम्मन मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसे भारत-श्रीलंका के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित मंदिर के जीर्णोद्धार की पहल दोनों देशों के ऐतिहासिक और धार्मिक रिश्तों को और मजबूत करेगी।
उपराष्ट्रपति ने इसके बाद हनुमान कोविल में भी दर्शन किए, जहां भगवान हनुमान से जुड़े पवित्र स्थल स्थित हैं।
दौरे के दौरान उन्होंने नुवारा एलिया में भारत सरकार की सहायता से बने घरों का निरीक्षण किया और भारतीय मूल के तमिल समुदाय से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार श्रीलंका में तमिल समुदाय के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारत अब तक श्रीलंका में 50,000 से अधिक घर बना चुका है और चौथे चरण में 10,000 और घर बनाए जाएंगे।
इससे पहले सी. पी. राधाकृष्णन ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूरिया और विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
इस दौरान व्यापार, आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, यह दौरा भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति के तहत श्रीलंका के साथ सांस्कृतिक, कूटनीतिक और विकासात्मक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।







