नई दिल्ली (विश्व परिवार)। विश्व जैन संगठन की मुख्य कार्यकारिणी की विशेष बैठक गुरुवार को दिल्ली के सैनी एन्क्लेव स्थित संगठन कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में श्री नेमी गिरनार धर्म यात्रा-2026 के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संतों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही वर्ष 2027 में 10 जुलाई को भगवान नेमिनाथ निर्वाण दिवस के अवसर पर 2,22,222 जैन श्रद्धालुओं को गिरनार जी वंदना के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया।
बैठक में संगठन के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। राहुल जैन को राष्ट्रीय महामंत्री, अनुज जैन को राष्ट्रीय मंत्री, वीरेंद्र जैन को वरिष्ठ सदस्य तथा निपुण जैन को युवा प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि दिल्ली से गिरनार जी तक आयोजित 25 दिवसीय श्री नेमी गिरनार धर्म यात्रा-2026 ऐतिहासिक रही। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने वाले सभी संतों, सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अगले वर्ष अधिकाधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक में श्री सम्मेद शिखर जी की पवित्रता और गरिमा बनाए रखने को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया गया। संगठन ने वर्ष 2022 में किए गए आंदोलन की लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग दोहराई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यश जैन ने तीर्थ क्षेत्र में पुलिस एवं वन विभाग की चेक पोस्ट, सामान की जांच, बाइक संचालन पर रोक, अश्लील वीडियो बनाने पर प्रतिबंध, सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा सभी टोंकों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जैसी प्रमुख मांगों पर चर्चा की।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आकाश जैन ने बताया कि इंदौर शाखा का कार्यकाल पूरा होने के बाद पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एडवोकेट पारस जैन को संयोजक तथा विशाल जैन को युवा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने देशभर में संगठन का विस्तार करते हुए नई शाखाएं गठित करने और अधिक से अधिक नए सदस्यों को जोड़ने का सुझाव भी दिया।
बैठक में सह मंत्री मनीष जैन, वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र जैन, सम्मानित सदस्य अभिषेक जैन सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन संगठन की एकजुटता, तीर्थों की पवित्रता की रक्षा और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ।







