छत्तीसगढ़रायपुर

नल कनेक्शन पर 200 गुना जुर्माना जनता पर ट्रिपल अटैक- नेता प्रतिपक्ष

  • पानी आम जनता के जीवन का अधिकार है 20 हजार का व्यापार नहीं

रायपुर (विश्व परिवार)। रायपुर नगर निगम की भारतीय जनता पार्टी की महापौर ओर आयुक्त महोदय द्वारा गरीबों की प्यास पर डाका डालने का काम किया जा रहा है। अवैध नल कनेक्शन को वैध करने का शुल्क सीधे 20,000 रुपये कर दिया गया है। यह फैसला जनविरोधी, अमानवीय और गरीबों को पानी से वंचित करने वाला है।

रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने बताया कि, रायपुर नगर निगम की कांग्रेस की परिषद ने क्या किया था
1. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल के आदेशानुसार रायपुर नगर निगम की महापौर परिषद में दिनांक 15/06/2023 को MIC ने निर्णय लिया था कि मात्र 100 रुपये शुल्क + 500 रुपये जुर्माना लेकर सभी अवैध नल कनेक्शन वैध किए जाएंगे।
2. हमारा मानना था – पानी जीवन का अधिकार है। गरीब बस्ती, मजदूर, ठेले वाले के घर का नल काटने से पहले उसे वैध करने का मौका देना चाहिए।
3. हजारों परिवारों को इस योजना से राहत मिली और निगम का राजस्व भी बढ़ा।

भाजपा की महापौर जी और नगर निगम आयुक्य महोदय क्या कर रहे है
1. अब अवैध नल को वैध करने के लिए 20,000 रुपये मांगे जा रहे हैं।
2. यह 200 गुना बढ़ोतरी है। 100 रुपये वाले नियम को 20 हजार कर दिया।
3. शहर में सफाई नहीं, टैंकर नहीं, नल में पानी नहीं, और ऊपर से 20 हजार का जुर्माना। यह कैसा न्याय है?
4. गरीब आदमी 20 हजार कहां से लाएगा? क्या भाजपा चाहती है कि रायपुर की जनता प्यास से मर जाए?
5. पहले यूजर चार्ज बढ़ाया फिर नल में शुल्क क्या रायपुर की जानता ने केवल टैक्स बढ़ाने के लिए ही आप को चुना है क्या?

रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा है कि हमारी मांग है कि
1. 20,000 रुपये का तुगलकी आदेश तुरंत वापस लो।
2. कांग्रेस शासन का 100 रुपये + 500 रुपये जुर्माना वाला जनहितैषी नियम लागू करने पहल करनी चाहिए ।
3. सभी 10 जोनो में जब तक नल नियमितीकरण शिविर लगाकर सबको मौका न दिया जाए, तब तक एक भी नल कनेक्शन न काटा जाए!
4. पानी के बिल में महंगाई, यूजर चार्ज में बढ़ोतरी और अब नल कनेक्शन पर 20 हजार – ये ट्रिपल अटैक बंद करो।

भाजपा का काम सिर्फ बकैती और डकैती रह गया है। सुविधा के नाम पर जीरो, वसूली के नाम पर हीरो। अंग्रेज भी इतना टैक्स नहीं लेते थे, जितना ये पीठ और पेट दोनों पर मार रहे हैं।
जनता की प्यास के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।
नगर निगम रायपुर एक लोक कल्याणकारी सेवा संस्था है, ना कि केवल टैक्स वसुली की
नगर निगम का मूल चरित्र सेवा संस्था का है नाम अनुरूप इसे हमें संजो के रखने की जिम्मेदारी है। किंतु वर्तमान की महापौर का निर्णय हमेशा जनता के हित के विपरीत रहा है।
रायपुर की जनता को आर्थिक करो के बोझ के नीचे दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो कि राजधानी की जनता के साथ छलावा है ।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts