कवर्धाछत्तीसगढ़

56 दिन बाद पुलिस को मिली सफलता, डांस टीचर हत्याकांड का खुलासा, नाबालिग अभिरक्षा में

कबीरधाम (विश्व परिवार)। कबीरधाम जिले में चर्चित डांस शिक्षक सत्यमदास मानिकपुरी हत्याकांड का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। लगभग 56 दिनों तक चली गहन जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में एक विधि से संघर्षरत नाबालिग बालक को अभिरक्षा में लिया है।
जानकारी के अनुसार 17 जनवरी 2026 को थाना कवर्धा क्षेत्र के लालपुर नर्सरी के पीछे सडक़ पर एक युवक का शव मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक के गले पर चाकू से वार कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। बाद में मृतक की पहचान 27 वर्षीय सत्यमदास मानिकपुरी, निवासी वार्ड नंबर 26 घोठिया रोड कवर्धा के रूप में हुई। वह पेशे से डांस शिक्षक था और पांडातराई क्षेत्र के एक निजी स्कूल में बच्चों को डांस सिखाता था। इस मामले में थाना कवर्धा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने लगभग 50 हजार मोबाइल नंबरों के कॉल डाटा का तकनीकी विश्लेषण किया तथा 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। साथ ही मृतक के दोस्तों, परिचितों और आसपास के लोगों सहित 100 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पुलिस ने करीब 40 से 50 संदिग्ध व्यक्तियों को थाने लाकर भी पूछताछ की। विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक के इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच भी की। इसी दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर संदेह एक नाबालिग बालक पर गया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक और नाबालिग के बीच करीब तीन महीने से पहचान थी और दोनों के बीच अप्राकृतिक संबंध भी थे। बाद में इसी संबंध को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ और मृतक द्वारा नाबालिग को बार-बार संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा था।
पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि घटना वाले दिन उसने व्हाट्सएप कॉल कर मृतक को अपने पास बुलाया। इसके बाद दोनों स्कूटी से लालपुर नर्सरी के पीछे पहुंचे, जहां उसने पहले से लाए चाकू से मृतक के गले पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी नाबालिग ने मृतक का मोबाइल फोन और सिम नदी में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू, स्कूटी, खून से सने कपड़े और नदी में फेंका गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है, जबकि सिम कार्ड की तलाश जारी है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री में यह भी सामने आया कि उसने अपराध के बाद बचने के तरीके, मोबाइल ट्रैकिंग से बचाव, मनोविज्ञान, सोशल मीडिया प्रभाव, डर का पैटर्न और अन्य कई विषयों से जुड़ी जानकारी इंटरनेट पर सर्च की थी। फिलहाल कबीरधाम पुलिस ने नाबालिग को विधिवत अभिरक्षा में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले के खुलासे में थाना कोतवाली, साइबर थाना और पुलिस की विशेष टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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