छत्तीसगढ़रायपुर

घटिया चावल खरीदी को लेकर सदन में हंगामा, विपक्ष का वाकआउट

  • दो अधिकारी निलंबित दस को कारण बताओ नोटिस
  • नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राइस मिलरों के संचालकों एवं अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर कराने की मांग की

रायपुर (विश्व परिवार)। विधानसभा में आज नागरिक आपूर्ति निगम कोरबा द्वारा अमानक चावल की खरीदी और राइस मिलरों द्वारा अमानक चावल देने के मामले को लेकर सदन में विपक्ष ने सरकार को घेरा। विपक्ष ने खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के जवाब से असंतुष्ठ होकर सदन से बहिर्गमन कर दिया। दयाल दास बघेल ने बताया कि इस प्रकरण में दो अधिकारियों को निलंबित किया गया तथा 10 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विस में आज कांग्रेस के व्यास कश्यप ने कोरबा जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के संचालित संग्रहण केंद्रों, गोदाम में दूसरे जिले की आईडी एवं ओटीपी का उपयोग कर अमानक चावल खरीदने का मामला उठाया। उन्होंने पूछा की अमानक घटिया चावल की खरीदी पर कितना खर्च हुआ तथा दोषी अधिकारी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है या किसी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने बताया कि बालोद बेमेतरा एवं जशपुर के कर्मचारियों की आईडी का उपयोग कर खरीदी किये गये चावल में से ८१५३ .४८ क्विटल चावल योग्य मानको के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर ३.३४ लाख रुपये की राशि अनुमानित है। अमानक चावल जमा करने वालों में से एक कनिष्ठ सहायक एवं कनिष्ट सहायक को निलंबित किया गया है। दो दोषी अधिकारियों एवं दस को निलंबित किया गया है। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह पूरा मामला गंभीर है। इस पर दोषी अधिकारियेां को कार्रवाई होना चाहिए। कांग्रेस के भूपेश बघेल ने भी इस पर कार्रवाई की मांग की और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
कांग्रेस के व्यास कश्यप ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में जांच अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। सभापति धरमलाल कौशिक ने कहा कि जो इस सदन का सदस्य नहीं है उनका नाम न लें। भूपेश बघेल ने पूरक प्रश्र में कहा कि राइस मिलरों ने घटिया चावल वापस किया है मंत्री ही स्वीकार कर रहे है। लेकिन दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। खाद्य मंत्री ने कहा कि राइस मिलर संचालकों ने अमानक चावल के बदले मानक चावल देने की बात कही है। इस पूरे प्रकरण में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तीखी बहस हुई। भाजपा के अजय चंद्राकर ने कहा कि इस संबंध में मंत्रियों के द्वारा जवाब दिया जाता है लेकिन क्या कार्रवाई होती है सदन को जानकारी नहीं दी जाती है।
विस में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है भूपेश बघेल जांच में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर की मांग कराने को लेकर अड़े रहे। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि यह भ्रष्टाचार का मामला है। इस पर पूरे विपक्ष ने सदन में खड़े होकर नारेबाजी की। सरकार पर भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों एवं राइसमिलरों पर संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआउट करके चले गये।

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