धर्मतीर्थ (विश्व परिवार) कचनैर के पास श्रीक्षेत्र धर्मतीर्थ में श्री वृषभ सिद्ध जिन बिंब की 51 फीट ऊँची विशाल प्रतिमा के पंचकल्याणक प्रतिष्ठापना एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव के अंतर्गत सोमवार (दि. 30) को भगवान ऋषभनाथ का जन्मकल्याणक मनाया गया। सौधर्म इंद्र श्री भूषण एवं श्रीमती प्रिया पाटणी की ऐरावत हाथी पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पांडुक शिला पर जाकर बाल तीर्थंकर ऋषभदेव का अभिषेक किया गया। साथ ही महावीर जयंती के जन्मकल्याणक विधि भी संपन्न हुए। गणाधिपति गणधराचार्य का प्रवचन हुआ।
भगवान का अभिषेक एवं विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरमार रही। सुबह से रात तक लगातार कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
ऐरावत हाथी पर निकली भव्य शोभायात्रा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालुओं ने परम पूज्य जगद्गुरु गणाधिपति, गणधराचार्य श्री कुंथुसागरजी गुरुदेव एवं क्रांतिकारी राष्ट्रसंत दिगंबर जैनाचार्य श्री गुप्तीनंदीजी गुरुदेव के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किए। महोत्सव का यह तीसरा दिन था। सभी श्रद्धालुओं का स्वागत महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्री संजय पापड़ीवाल और कार्याध्यक्ष श्री चंद्रशेखर पाटणी ने किया। महामंत्री पवनकुमार पापड़ीवाल, गौरवाध्यक्ष जितेंद्र पापलकर, स्वागताध्यक्ष जिनेंद्र बाकलीवाल, प्रमोद जैन, महावीर पाटणी, कोषाध्यक्ष राजेंद्र पाटणी, मार्गदर्शक गुलाबचंद कासलीवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस महोत्सव में आचार्य श्री तीर्थनंदीजी, प्रज्ञाश्रमण गणनायक आचार्य श्री सुयशगुप्तजी, आचार्य श्री श्रुतधरनंदीजी एवं गणिनी आर्यिका क्षमाश्री माताजी की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने मार्गदर्शन भी दिया। सभी श्रद्धालुओं ने स्वादिष्ट भोजन प्रसाद ग्रहण किया। जन्मकल्याणक विधियों की शुरुआत सुबह 5:30 बजे उत्साहपूर्वक हुई। सौधर्म इंद्र एवं अन्य मान्यवरों की ऐरावत हाथी पर शोभायात्रा निकाली गई। बैंड की धुन पर श्रद्धालुओं ने नृत्य का आनंद लिया। इसके बाद आचार्य संघ का मंगल प्रवचन एवं राज्याभिषेक समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।
1008 कलशों से अभिषेक किया गया। दोपहर में गणधराचार्य का मंगल पूजन एवं प्रवचन हुआ। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जिनेंद्र एवं श्रीमती हीरामणी बाकलीवाल परिवार (पुणे) ने 51 फीट मूर्ति की वेदी का निर्माण कराया, जिसकी पूजा उनके हाथों से की गई। भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य श्री राजेश एवं श्रीमती राखी जैन (ब्यावर, पुणे) को मिला। धर्मतीर्थ में विराजमान साधु-संतों को आहारदान देने का सौभाग्य श्री जितेंद्र बाकलीवाल परिवार (पुणे) को प्राप्त हुआ।
इस महोत्सव में इंद्र-इंद्राणी की भूमिकाओं में कई श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्री हेमंत एवं श्रीमती विद्या जैन, श्री संदीप एवं श्रीमती मनीषा पाटणी, श्री अशोक एवं श्रीमती शशिकला ठोळे, श्री माणिकचंद एवं श्रीमती वैशाली गंगवाल, श्री प्रवीण एवं श्रीमती सविता साहूजी, श्री मनोज एवं श्रीमती मंजुषा पांडे, श्री संजय एवं श्रीमती सीमा खबडे ने इन भूमिकाओं का निर्वहन किया। भोजनदाता श्री सुबोध जैन परिवार ने भी अपनी सेवा अर्पित की। देशभर के अनेक दिगंबर जैन परिवारों ने तन, मन और धन से योगदान दिया।
चौकट 1: आज होगा राज्याभिषेक
मंगलवार (दि. 31) को राज्याभिषेक एवं तपकल्याणक समारोह आयोजित होगा। सुबह 5:30 बजे यज्ञशाला में अभिषेक किया जाएगा। शांतिहवन एवं जाप होंगे। सुबह 7 बजे शांतिधारा और जन्मकल्याणक पूजा-अर्चना की जाएगी। 8 बजे आचार्य संघ का मंगल प्रवचन होगा। 9 बजे राजदरबार में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें राज्याभिषेक और नृत्य कार्यक्रम शामिल हैं। दोपहर 4 बजे गणधराचार्य का पूजन एवं प्रवचन होगा। शाम 4:30 बजे धार्मिक कार्यक्रमों के बाद भगवान का दीक्षा संस्कार, आरती और रात 8 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
चौकट 2: स्वादिष्ट भोजन प्रसाद से सभी संतुष्ट
प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुबह के चाय-नाश्ते से लेकर शाम के भोजन तक उत्तम व्यवस्था की गई है। श्री आर.आर. पहाड़े, सुनील कासलीवाल, दिलीप ठोळे और संजय चूड़ीवाल भोजन व्यवस्था समिति के माध्यम से व्यवस्था संभाल रहे हैं। मध्यप्रदेश के रतलाम से जय मेवाड़ कैटरर्स के 65 सदस्य तथा सागर से 25 लोगों की टीम आई है। ये 90 लोग सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए स्वादिष्ट भोजन तैयार करते हैं। गैस की कमी के कारण लकड़ी और कोयले के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है। मधुकांत जोशी, जगदीश पुरोहित, विष्णु व्यास, बालकिशन ओझा और रमेश महाराज के नेतृत्व में व्यवस्था संचालित हो रही है। स्वादिष्ट भोजन प्रसाद से सभी श्रद्धालु संतुष्टि व्यक्त कर रहे हैं।





