जगदलपुर (विश्व परिवार)। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से माओवादी संगठन की कमजोर होती पकड़ की बड़ी तस्वीर सामने आई है, जहां एक ही दिन में संगठन को अंदर से झटका लगा है। कोलकाता पुलिस की STF ने माओवादियों की रीजनल कमेटी सदस्य श्रद्धा बिस्वास को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से संगठन की सक्रिय और वांछित सदस्य थी।
श्रद्धा पर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और उसके खिलाफ 23 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरी तरफ संगठन के ही एक वरिष्ठ सदस्य मधाई पात्रा ने 30 साल पुराना नाता तोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया है। उसने कोलकाता पुलिस आयुक्त के सामने सरेंडर करते हुए हिंसा का रास्ता छोड़ने की बात कही और अपने साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
शीर्ष कमांडर मिसिर बेसरा का करीबी था मधाई
बताया जा रहा है कि मधाई पात्रा कई राज्यों में सक्रिय रहा है और शीर्ष कमांडर मिसिर बेसरा के करीबी नेटवर्क का हिस्सा था। ऐसे में उसका आत्मसमर्पण संगठन के अंदरूनी हालात और मनोबल पर बड़ा असर डाल सकता है। लगातार दबाव और सुरक्षा बलों की बढ़ती कार्रवाई के बीच अब टॉप कमांडर मिसिर बेसरा को लेकर भी सरेंडर की अटकलें तेज हो गई हैं, जिस पर फिलहाल झारखंड के सारंडा इलाके में बड़ा ऑपरेशन जारी है।







