रायपुर (विश्व परिवार)। दैवादशकम, श्री नारायण गुरु द्वारा रचित शांति, सद्भाव और सार्वभौमिक बंधुत्व के लिए एक वैश्विक प्रार्थना है। श्री नारायण फोरम फॉर यूनिवर्सल ब्रदरहुड, जर्मनी द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल दैवादशकम रेसिटेशन कैंपेन’ (वैश्विक दैवादशकम पाठ अभियान) रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार (IST) शाम 7:15 बजे आयोजित किया जाएगा। यह महान भारतीय आध्यात्मिक नेता, दार्शनिक, समाज सुधारक और सार्वभौमिक भ्रातृत्व के समर्थक श्री नारायण गुरु की सार्वभौमिक शिक्षाओं से प्रेरित एक उल्लेखनीय आध्यात्मिक पहल है।
दैवादशकम, जिसका अर्थ है ‘ईश्वर को समर्पित दस छंद’, श्री नारायण गुरु द्वारा रचित एक गहन प्रार्थना है। यह रचना संक्षिप्त होने के बावजूद ईश्वर के प्रति विश्वास, करुणा, ज्ञान, एकता और समर्पण का कालातीत एवं सार्वभौमिक संदेश देती है। इसकी शिक्षाएं जाति, धर्म, भाषा, राष्ट्रीयता और संस्कृति की सीमाओं से परे हैं। यह मानवता को हमारी साझा आध्यात्मिक जड़ों और शांति एवं सद्भाव के साथ रहने की जिम्मेदारी का स्मरण कराती हैं।
दैवादशकम सभी अस्तित्वों में दिव्य उपस्थिति को पहचानने के लिए प्रेरित करता है। यह हमें मतभेदों से ऊपर उठने, प्रेम और समझ विकसित करने तथा ऐसी दुनिया के निर्माण के लिए कार्य करने का आह्वान करता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति के साथ गरिमा और सम्मान का व्यवहार किया जाए।
आज की दुनिया में, जहां मानवता संघर्षों, विभाजनों, असहिष्णुता और गलतफहमियों से उत्पन्न अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, इस पवित्र प्रार्थना का सामूहिक पाठ शांति की साझा आकांक्षा के साथ लोगों के दिलों और विचारों को एकजुट करने का अवसर प्रदान करता है।
वैश्विक दैवादशकम पाठ अभियान का उद्देश्य इस सार्वभौमिक प्रार्थना के सामूहिक पाठ के माध्यम से विभिन्न देशों और महाद्वीपों के लोगों को एक साथ लाना है। श्री नारायण फोरम फॉर यूनिवर्सल ब्रदरहुड, जर्मनी द्वारा आयोजित इस पहल का लक्ष्य सामूहिक प्रार्थना और आध्यात्मिक चिंतन के माध्यम से शांति, सद्भाव और सार्वभौमिक बंधुत्व के संदेश का प्रसार करना है।
इस अभियान का उद्देश्य जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को एक साझा आध्यात्मिक प्रयास में शामिल करना है, जिससे यह संदेश दिया जा सके कि प्रार्थना व्यक्तियों, समुदायों और राष्ट्रों को जोड़ने वाला सेतु बन सकती है। अभियान का मुख्य सूत्रवाक्य है—एक मानवता, एक विश्व, एक परिवार।
श्री नारायण गुरु के सार्वभौमिक आदर्शों के अनुरूप, श्री नारायण संदेश समाजम (SNSS), शंकर नगर, रायपुर, छत्तीसगढ़ इस वैश्विक आध्यात्मिक पहल में भाग ले रहा है। यह आयोजन भक्तों और समाज के सदस्यों को सामूहिक प्रार्थना में शामिल होने, गुरु की शिक्षाओं पर विचार करने और सार्वभौमिक बंधुत्व के आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर प्रदान करेगा।
आइए, दैवादशकम के शब्द हमें प्रार्थना को करुणा में, विश्वास को सेवा में और आध्यात्मिक समझ को सार्वभौमिक प्रेम में बदलने के लिए प्रेरित करें। यह सामूहिक प्रार्थना मानवता के बंधनों को मजबूत करे और स्थायी शांति, सद्भाव तथा सार्वभौमिक बंधुत्व को प्रोत्साहित करे।
श्री वी. जी. शशिकुमार, अध्यक्ष, श्री नारायण संदेश समाजम, शंकर नगर, रायपुर ने सभी सदस्यों, भक्तों, परिवारों, मित्रों और शुभचिंतकों को रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को शाम 7:15 बजे (IST) श्री नारायण गुरु मंदिरम, शंकर नगर, कैलाश रेसीडेंसी, रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित इस वैश्विक प्रार्थना पहल में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया है।
उन्होंने सभी से गुरु की भावना में एकत्र होकर समस्त मानवता के कल्याण के लिए साझा प्रार्थना में शामिल होने और जहां भी संभव हो, दुनिया भर के लाखों लोगों से जुड़ने का आह्वान किया है।







