रायपुर

ब्रह्माकुमारीज और नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो का संयुक्त आयोजन…

  • केन्द्रीय विद्यालय डब्लू.आर.एस. के बच्चों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ…
  • नशा मनुष्य को अन्दर से खोखला कर रहा है… ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी

रायपुर (विश्व परिवार) । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय और भारत शासन के नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो के संयुक्त तत्वावधान में केन्द्रीय विद्यालय डब्लू.आर.एस. कालोनी में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति का सन्देश देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो के इन्सपेक्टर सुनील कुमार वर्मा, केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार चन्द्राकर, ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी और ब्रह्माकुमारी अनूप बहन उपस्थित थीं।
विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने बतलाया कि जब जीवन में नैतिक मूल्यों का अभाव हो जाता है तो उस खालीपन को भरने के लिए व्यक्ति नशे की ओर आकर्षित हो जाता है। नशा सिर्फ ड्रग्स का ही नहीं होता डिजीटल टेक्नालाजी का भी होता है। आजकल बच्चों के साथ-साथ बड़ों का भी स्क्रीन टाईम बहुत ज्यादा बढ़ गया है। मोबाईल, टी.वी. और कम्प्यूटर आदि परिवार में एक-दूसरे को दूर कर रहे हैं। एक ही घर में लोग आपस में बात करने की बजाय एस.एम.एस. कर सन्देश भेजने लगे हैं।
उन्होंने नशे की लत या एडीक्शन को स्पष्ट करते हुए कहा कि जब हम किसी चीज पर मानसिक और शारीरिक रूप से इतने ज्यादा निर्भर हो जाते हैं कि उसके न मिलने पर असामान्य महसूस करते हैं। हम बेचैन हो जाते हैं। हमारी खुशी कम हो जाती है। उसी अवस्था को नशे की लत या एडीक्शन कहते हैं। नशा शरीर और मस्तिष्क दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है। यह मनोबल, याददाश्त और एकाग्रता को कमजोर कर रहा है।
ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने चिन्ता व्यक्त करते हुए बतलाया कि आजकल बहुत से युवा संगदोष में आकर अथवा फैशन के नाम पर नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। ज्यादातर व्यसनों की शुरूआत किशोरावस्था में ही होती है। किशोरावस्था कच्ची मिट्टी के समान है। इस समय बच्चों को उचित मार्गदर्शन और समाज को दिशा देने वाले महापुरूषों का जीवन पढ़ाने की आवश्यकता है। नैतिक शिक्षा उन्हें सही दिशा में कदम बढ़ाने की प्रेरणा देगी। इसी तरह ब्रह्माकुमारीज में निशुल्क सिखलाया जाने वाला राजयोग मेडिटेशन भी लाभदायक है। यह हमें आत्म बल प्रदान करता है और नशामुक्त होने में मदद करता है।
इस अवसर पर नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो के इन्सपेक्टर सुनील कुमार वर्मा ने भी अपने विचार रखे। ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने बच्चों को नशा से दूर रहने की प्रतिज्ञा भी कराई।

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