धर्म

उत्तम तप धर्म पर मंगल प्रवचन इच्छाओं का त्याग ही उत्तम तप धर्म है: मुनि श्रमण सागर जी

  • जैन समाज ने 27 सितंबर को विमानोत्सव का निमंत्रण विधायक जयवर्धन सिंह को दिया

राघौगढ़ (विश्व परिवार)। जैन धर्म के पवित्र दस लक्षण महापर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म पर मंगल प्रवचन करते हुए आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के प्रिय शिष्य, औजस्वी वक्ता, बुंदेली महाकवि मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने कहा संसारी प्राणी ईर्ष्या, क्रोध, प्रतिशोध, काम वासना सहित अनेक प्रकार के पापों में जल रहा है।आपने कहा आत्मा से परमात्मा बनने के लिए इस प्रकार तप करना पड़ेगा जैसे नवनीत को तपाने पर घी बनता है। मिट्टी को पकान पर घड़ा बनता है। सीता ने बीस वर्ष तक कठिन तपस्या की तब महासती बनी। मुनिराज ने कहा वर्तमान में चार प्रकार से तपस्या करते हैं पहले वे जो तपस्या जानते ही नहीं है शरीर के पोषण पोषण को ही तपस्या मान रहे हैं। दूसरे वे जो तपस्या तो कर रहे हैं मगर तपस्या का मार्ग सही पता नहीं है। तीसरे जो तपस्या तो कर रहे हैं मगर ध्यान पूर्वक नहीं कर रहे हैं। चौथी प्रकार के बे होते हैं जो जैन दर्शन के अनुसार 6 अंतरंग एवं छह वहिरंग कुल बारह प्रकार के पतों पालन कर आत्म कल्याण करते हैं। इन बारह प्रकार के तपों का पालन कर, सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र सहित केवल ज्ञान प्राप्त कर मोक्ष प्राप्त करते हैं। अपने आचार्य विद्यासागर जी महाराज के उत्तम तप धर्म पर दिए प्रवचनों का उल्लेख करते हुए कहा शरीर का उपकार करोगे तो आत्मा का उपकार होगा। आत्मा का उपकार करना है तो शरीर का अपकार करना होगा। चिता की आग जलने से पहले चिता सी आग जला दो। आपने कहा जिसकी दृष्टि कर्तव्य पर वही बड़ा है जिसकी दृष्टि अहंकार पर वह बड़ा वाला कहलाता है। मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने जैन दर्शन में उल्लेखित पंक्ति का उदाहरण देते हुए कहा इच्छा निरोध: तप: अर्थात सभी प्रकार की इच्छाओं का दमन करना ही उत्तम तप धर्म है।
जैन समाज राघौगढ़ के अध्यक्ष सिंघाई अशोक कुमार भारिल्य के नेतृत्व में शिष्ट मंडल ने पूर्व मंत्री एवं विधायक जयवर्धन सिंह को राघौगढ़ में दिनांक 27 सितंबर रविवार को जैन विमानोत्सव में पधारने का निमंत्रण दिया। शिष्ट मंडल में मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य एवं भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय संरक्षक विजय कुमार जैन, जैन समाज के मंत्री अमित जैन रानू, नगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनीष जैन चौधरी, अशोक कुमार भरसूला वाले, संजीव जैन पप्पू मोंटू जैन जितेन्द्र जैनआदि उपस्थित थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts