रायपुर (विश्व परिवार)। एम्स रायपुर में 17 से 25 जून 2026 तक “नशा मुक्त भारत अभियान–विकसित भारत की पहचान” विषय पर जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत तथा अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर देशभर में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, नशे की रोकथाम, उपचार, पुनर्वास तथा समुदाय आधारित सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में एम्स रायपुर में इस कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सैकड़ों की संख्या में प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। संस्थान के विभिन्न विभागों, कार्यालयों, ओपीडी, आईपीडी परिसरों में भी चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारीयों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा नशामुक्ति हेतु सामूहिक शपथ ग्रहण किया गया।
24 जून को नर्सिंग अधिकारियों एवं विद्यार्थियों द्वारा अस्पताल के केंद्रीय पंजीकरण क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर नशे के दुष्प्रभावों, पारिवारिक विघटन, आर्थिक संकट, अपराध तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के संबंध में जनजागरूकता का संदेश दिया गया। 25 जून को अस्पताल गैलरी में पोस्टर प्रस्तुति एवं प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें मद्यपान एवं मादक पदार्थों के सेवन से उत्पन्न सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। अभियान के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए जागरूकता वीडियो अस्पताल के विभिन्न स्थलों पर प्रदर्शित किए गए। साथ ही पोस्टर, स्लाइडर, सोशल मीडिया पोस्ट, वेबसाइट बैनरों के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार किया गया।
एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने अभियान में सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की तथा एम्स रायपुर के मनोरोग विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति सेवाओं को उत्कृष्ट बताया। उन्होंने कहा कि समय पर परामर्श, उपचार, पुनर्वास सेवाएं एवं सामुदायिक जागरूकता नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एम्स रायपुर में पुरे सप्ताह आयोजित इस अभियान में विद्यार्थियों, स्वास्थ्यकर्मियों, कर्मचारियों एवं आमजन की सक्रिय सहभागिता रही और नशा मुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने का सफल प्रयास किया गया।







