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विश्व मानक दिवस समारोह के तहत भारतीय मानक ब्यूरो ने आयोजित किया ‘मानक महोत्सव’

रायपुर (विश्व परिवार)। मानकों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 14 अक्टूबर को विश्व मानक दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा देशभर में गुणवत्ता चेतना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर में ‘बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण’ थीम पर ‘मानक महोत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योगों, सराफा संगठनों, व्यापार संगठनों और मानक क्लबों से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सीपेट (CIPET) रायपुर के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. आलोक साहू, एमएसएमई रायपुर के संयुक्त निदेशक लोकेश परगनिया, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) रायपुर के मुख्य प्रबंधक पवन जायसवाल, छत्तीसगढ़ स्टील री-रोलर निर्माता संघ रायपुर के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी और छत्तीसगढ़ ज्वैलर्स एसोसिएशन रायपुर के अध्यक्ष कमल सोनी शामिल हुए।

मुख्य अतिथि डॉ. समीर बाजपेयी ने अपने संबोधन में दैनिक जीवन में मानकों के उपयोग और उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानक हमारे दैनिक जीवन को सुरक्षित, सरल, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खाद्य पदार्थों, विद्युत उपकरणों, निर्माण सामग्री, स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न उपभोक्ता उत्पादों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने में मानकों का विशेष योगदान है। उन्होंने मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और दैनिक जीवन में गुणवत्तापूर्ण तथा मानक-अनुरूप उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर की निदेशक एवं प्रमुख अनुरीता जोजो ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मानकीकरण, गुणवत्ता और सतत विकास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हितधारकों के बीच आपसी सहयोग और साझेदारी सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं। साथ ही, उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा संचालित विभिन्न आउटरीच कार्यक्रमों और हितधारकों से जुड़ाव के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।

वैज्ञानिक-डी फालेंद्र कुमार ने विश्व मानक दिवस के अवसर पर सतत विकास लक्ष्य-7 (SDG-07), यानी सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने दैनिक जीवन में स्वच्छ ऊर्जा के महत्व, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग और ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान भारतीय मानक ब्यूरो की विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले हितधारकों, शैक्षणिक संस्थानों के मेंटर्स और बीआईएस से जुड़े रिसोर्स पर्सन्स को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, लाइट रेल्स के विनिर्देश (IS 3964 : 1980) के अंतर्गत ‘ऑल इंडिया फर्स्ट लाइसेंस’ प्राप्त करने वाली इकाई M/s Prime Ispat Limited को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

मानक क्लब के छात्र सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और सहभागिता का वातावरण बना। कार्यक्रम के ओपन हाउस सत्र में हितधारकों और प्रतिभागियों ने मानकीकरण, गुणवत्ता, प्रमाणन तथा बीआईएस की गतिविधियों से संबंधित अपने विचार, सुझाव और अनुभव साझा किए। इस संवादात्मक सत्र में बीआईएस अधिकारियों और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय एवं सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उद्योग, सरकार, शिक्षण संस्थानों और अन्य हितधारकों के साथ भारतीय मानक ब्यूरो के संवाद को मजबूत करना तथा गुणवत्ता, मानकीकरण और सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना था।

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