रायपुर (विश्व परिवार)। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर श्री दावड़ा विश्वविद्यालय में एआई इनोवेशन सेल का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मानद निदेशक तुलसीदास संघानी द्वारा महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ हुआ। एआई सेल का उद्घाटन विवि की महानिदेशक डॉ. चार्मी दावड़ा और सीईओ चिन्मय दावड़ा के करकमलों से किया गया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महानिदेशक डॉ. चार्मी दावड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी विभागों तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने एक सर्व-समावेशी शैक्षणिक दृष्टिकोण का आह्वान करते हुए, इसे हर एक विषय से जुड़ना की भूमिका पर जोर दिया । सीईओ चिन्मय दावड़ा ने कहा कि इसे दैनिक कार्यों में इस तरह पूरी तरह से सहायता करनी चाहिए कि कोई भी प्रश्न अनुत्तरित न रहे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी अधिष्ठाताओं को निर्देश दिया कि वे छात्रों के प्लेसमेंट को बढ़ावा देने के लिए इस तकनीकी बदलाव का सक्रिय रूप से लाभ उठाएं। आईटी विभाग की डॉ. सौम्या यश ने सभी का स्वागत किया और कहा कि अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने के लिए विश्व युवा कौशल दिवस पर इस सेल की शुरुआत का यह समय बिल्कुल सही है। विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुरजीत डे मण्डल ने निरंतर सीखते रहने की आवश्यकता पर बल दिया। वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता डॉ. मनीषा पांडेय ने सतत विकास लक्ष्यों के साथ एआई के उपयोग को जोड़ने का आह्वान किया। शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. नितिन जायसवाल ने एआई के संबंध में नवीनतम यूजीसी दिशानिर्देशों के बारे में जानकारी दी। कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मनीष वर्मा ने बेंगलुरु एआई यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख बेंचमार्क का हवाला देते हुए प्रबंधन के व्यापक भविष्य के दृष्टिकोण को साझा किया और श्री दावड़ा विश्वविद्यालय के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। प्रति- कुलपति डॉ. वरूण गंजीर ने एआई को आर्ट ऑफ इंटेलिजेंस के रूप में नए सिरे से परिभाषित किया। विवि के कुलसचिव विपिन श्रीवास्तव ने एआई के जुडाव और अपने इंजीनिरिंग के दिनों में हुए एआई के अपग्रेड और वर्तमान स्थिति पर विमर्श रखा।
डॉ. बिसाहू राम साहू ने आभार प्रदर्शन किया। इस उद्घाटन समारोह में विद्यार्थियों सहित सभी प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक एवं नॉन टीचिंग स्टाफ की उपस्तिथि रही ।







