रायपुर (विश्व परिवार)। मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर के मैट्स स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ऑन नेक्स्ट जेनरेशन कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजीज (ICNGCT–2026) का शुभारंभ आज हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश के शोधार्थियों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भाग लेकर नवीनतम तकनीकी नवाचारों, शोध निष्कर्षों तथा उभरती हुई कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन के संयोजक एवं मैट्स स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ओमप्रकाश चंद्राकर ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन शोधकर्ताओं को अपने नवाचारों एवं शोध कार्यों को साझा करने तथा तकनीकी प्रगति में योगदान देने हेतु एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव ने विभिन्न अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों (Next Generation Technologies) पर प्रकाश डाला। उन्होंने शोधार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस एवं इंटेलिजेंट ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शोध करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों में राष्ट्र निर्माण एवं समाज के विकास की अपार संभावनाएँ निहित हैं।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने अपने मुख्य व्याख्यान (Keynote Address) में भारत द्वारा की गई महत्वपूर्ण तकनीकी खोजों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत विश्व स्तर पर तकनीकी नवाचारों के क्षेत्र में निरंतर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे ऐसे शोध विषयों का चयन करें जो भारत की प्रगति, आत्मनिर्भरता एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ बनाने में सहायक हों।
सम्मेलन के प्रथम दिवस में दो तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुति सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शोधकर्ताओं द्वारा नेक्स्ट जेनरेशन कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजीज से संबंधित अनेक उच्च गुणवत्ता वाले शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुत शोध-पत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग, डेटा साइंस एवं बिग डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड एवं एज कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सुरक्षा एवं ब्लॉकचेन तकनीक, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, इंटेलिजेंट सिस्टम्स एवं ऑटोमेशन तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं उद्योग में एआई के अनुप्रयोग जैसे विषय प्रमुख रहे।
इस अवसर पर प्रीयेश पगारिया, महानिदेशक, तथा गोकुलानंद पांडा, कुलसचिव, ने विभाग द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को उभरती हुई तकनीकों की जानकारी निरंतर प्राप्त करते रहने के लिए प्रेरित किया तथा गुणवत्तापूर्ण शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कुलाधिपति गजराज पगारिया ने सम्मेलन के सफल आयोजन हेतु आयोजन समिति एवं प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन परिणामोन्मुखी (Outcome-Based) शोध को प्रोत्साहित करेगा तथा वास्तविक समस्याओं के समाधान एवं तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग, डेटा साइंस एवं बिग डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड एवं एज कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स एवं स्मार्ट सिस्टम्स, साइबर सुरक्षा एवं ब्लॉकचेन तकनीक, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एवं डेवऑप्स, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, इंटेलिजेंट सिस्टम्स एवं ऑटोमेशन, कंप्यूटर नेटवर्क्स एवं डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम्स तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं उद्योग में एआई अनुप्रयोगों सहित विभिन्न समकालीन विषयों पर शोध प्रस्तुतियाँ एवं विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं।
जिसमें विभिन्न तकनीकी सत्रों, विशेषज्ञ व्याख्यानों एवं शोध-पत्र प्रस्तुतियों के माध्यम से ज्ञान-विनिमय एवं शोध सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।







