रायपुर (विश्व परिवार)। श्री दावड़ा यूनिवर्सिटी एवं एनआईटी रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में आर्थिक असमानता, पर्यावरणीय संकट एवं तकनीकी परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियाँ बहुआयामी हैं, जिनका समाधान केवल बहु-विषयक दृष्टिकोण के माध्यम से ही संभव है।
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ सीबीआई के आईजी डॉ. ध्रुव गुप्ता ने अपने उद्बोधन में गरीबी उन्मूलन को वैश्विक चुनौती बताते हुए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया तथा शोधार्थियों को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर शोध हेतु प्रेरित किया।
श्री दावड़ा यूनिवर्सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं संस्थापक चिन्मय दावड़ा ने अपने संदेश में बहु-विषयक सहयोग को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। महानिदेशक डॉ. चार्मी दावड़ा ने इस प्रकार के आयोजनों को ज्ञान-विनिमय हेतु महत्वपूर्ण बताया।
महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय, रायपुर के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने शिक्षा एवं शोध में सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. प्रेम कुमार चंद्राकर ने बहुविषयक दृष्टिकोण और समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने वैश्विक चुनौतियों, तकनीकी नवाचार एवं सामाजिक समावेशन पर अपने विचार साझा किए। शोधार्थियों ने भी विविध विषयों पर अपने शोध प्रस्तुत किए।
इस संगोष्ठी में लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। समापन सत्र में अधिष्ठाता, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय (Dean, FOCM) डॉ. मनीषा पांडेय ने कहा कि इस आयोजन ने शिक्षा एवं शोध की उपयोगिता को स्पष्ट किया। उन्होंने NIT रायपुर के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मानद निदेशक तुलसीदास शिंगहानी, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. वरुण गंजीर, उपकुलसचिव विपिन श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के सभी संकाय सदस्यगण एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।







