रायपुर

NIT रायपुर का 17वां दीक्षांत समारोह आज, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और CM विष्णुदेव साय होंगे शामिल; 1,364 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री

रायपुर (विश्व परिवार) । राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर द्वारा 3 नवंबर 2026 (मंगलवार) को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, रायपुर में 17वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में भारत सरकार के माननीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि और सम्माननीय अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के रूप उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा के माननीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल; वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक तथा भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की सचिव डॉ. एन. कलाईसेल्वी शामिल होंगी | समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे तथा संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव करेंगे। इस अवसर पर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स एवं सीनेट के सदस्य, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी भी उपस्थित रहेंगे।
17वें दीक्षांत समारोह में कुल 1,364 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें बी.टेक. एवं बी.आर्क. कार्यक्रम के 976 विद्यार्थी, एमसीए, एम.एससी. एवं एम.टेक. कार्यक्रमों के 283 विद्यार्थी तथा पीएच.डी. के 105 शोधार्थी शामिल हैं। समारोह में कुल 51 पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 25 स्वर्ण पदक और 25 रजत पदक शामिल हैं। बी.टेक. एवं बी.आर्क. कार्यक्रमों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को 12 स्वर्ण और 12 रजत पदक तथा एमसीए, एम.एससी. एवं एम.टेक. कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण और 13 रजत पदक प्रदान किए जाएंगे। संस्थान का ओवरऑल टॉपर पुरस्कार बी.टेक. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कार्यक्रम की छात्रा सुश्री आत्मिका गंगेले को प्रदान किया जाएगा।
वर्षभर संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियां निरंतर सक्रिय रहीं। विभिन्न विभागों, प्रकोष्ठों और क्लबों द्वारा 10 से अधिक कार्यशालाएं, 7 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और 2 राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, 15 से अधिक अल्पकालिक प्रशिक्षण एवं संकाय विकास कार्यक्रम तथा 30 से अधिक संगोष्ठियां, वक्ता सत्र और विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। संस्थान में 3 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित हुए। इनमें 10 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ पुलिस के सहयोग से आयोजित ट्रैफिक हैकाथॉन और साइबर जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे।
पिछले वर्षों में संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। स्कोपस में सूचीबद्ध शोध प्रकाशनों की संख्या 1,002 से बढ़कर 1,164 हो गई, जबकि उद्धरणों की संख्या 20,233 से बढ़कर 23,470 तक पहुंच गई। प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं का कुल मूल्य 19.6 प्रतिशत बढ़कर ₹18.57 करोड़ से ₹22.20 करोड़ हो गया। यह संस्थान की बढ़ती अनुसंधान क्षमता और विस्तारित परियोजना गतिविधियों को दर्शाता है। संकाय सदस्यों ने 12 से अधिक पेटेंट दायर किए और संस्थान ने 15 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इनमें भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ सुदूर संवेदन और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अनुसंधान हेतु किया गया महत्वपूर्ण समझौता शामिल है। इसके अतिरिक्त, रक्षा उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान (डीआईएटी), पुणे; इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज; एम्स रायपुर, रायपुर के साथ भी समझौते किए गए। शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए संस्थान ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस में दो नए एम.टेक. कार्यक्रम भी प्रारंभ किए।
जापान के मात्सुयामा स्थित एहिमे विश्वविद्यालय के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 12 से 14 सितंबर 2026 तक संस्थान का दौरा किया। यह दौरा विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक, शिक्षण एवं सांस्कृतिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। तीन दिवसीय इस आदान-प्रदान कार्यक्रम में ‘सकुरा-संगम’ सांस्कृतिक संध्या, संस्थान के अनुसंधान एवं इनक्यूबेशन केंद्रों का भ्रमण, सिरपुर के बौद्ध विरासत स्थलों की यात्रा तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ शिष्टाचार भेंट शामिल रही, इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग को मजबूत करना था।
राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान को विभिन्न रैंकिंग में स्थान प्राप्त हुआ। इंडिया टुडे-एमडीआरए टॉप टेक्निकल यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में पहली बार भाग लेते हुए एनआईटी रायपुर ने देश के शीर्ष तकनीकी विश्वविद्यालयों में 16वां स्थान हासिल किया। वहीं, इंडिया टुडे-एमडीआरए बेस्ट कॉलेजे रैंकिंग 2026 में देश के शीर्ष सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में संस्थान को 22वां स्थान मिला। संस्थान एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में भी 301–350 के समूह में शामिल हुआ।
29 मई 2026 को डॉ. हावरे ने परिसर में चार नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें एनआईटीआरआरएफआईई इनक्यूबेशन सेंटर, सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, जी+6 अकादमिक एनेक्स-I ब्लॉक तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली पुस्तकालय शामिल हैं। उन्होंने हाई-वोल्टेज इम्पल्स टेस्टिंग प्रयोगशाला, संस्थान की प्लेटिनम जुबली के अवसर पर प्रस्तावित प्लेटिनम गेस्ट हाउस तथा मेकर्सस्पेस एवं अनुसंधान सुविधा भवन की आधारशिला भी रखी। फरवरी 2026 में पूर्व विद्यार्थियों और एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के सहयोग से विकसित नवीनीकृत स्मार्ट कक्षाओं तथा आईडीएस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रायोजित एप्लाइड ब्लॉकचेन सेंटर का उद्घाटन किया गया।
संस्थान में प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है। इनमें श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप इन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एमएसीआईईईटी) शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत ₹90 करोड़ है। इस परियोजना को मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन, छत्तीसगढ़ सरकार और एनआईटी रायपुर के त्रिपक्षीय सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के ₹48 करोड़ के योगदान से एक नए छात्रा छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है।
शैक्षणिक सत्र 2026–27 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम 21 अगस्त 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. हावरे ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के सहयोग से विकसित स्मार्ट कक्षाओं तथा बीईएमएल लिमिटेड के सहयोग से निर्मित वॉलीबॉल और बास्केटबॉल मैदानों का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. हावरे द्वारा लिखित पुस्तक ‘एनआईटी रायपुर: ए लिगेसी ऑफ एक्सीलेंस’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) मनीष पाटिल, बीईएमएल के निदेशक (खनन एवं निर्माण) संजय सोम, ओएनजीसी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुधीर वासुदेव तथा एलुमनी एसोसिएशन जीईसी-एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष उमेश चितलांगिया उपस्थित थे।
उद्यमिता के क्षेत्र में एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एनआईटीआरआरएफआईई) को छत्तीसगढ़ के पहले डीएसटी-एनआईडीएचआई टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर के रूप में मान्यता मिली है। इस केंद्र ने 300 से अधिक सलाहकारों के नेटवर्क के सहयोग से 50 से अधिक स्टार्टअप को प्रोत्साहित एवं विकसित किया है। छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट 2025 में इसे माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रशस्ति प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इसके दो स्टार्टअप ने छत्तीसगढ़ आइडियाथॉन 2025 में शीर्ष पुरस्कार भी प्राप्त किए। संस्थान ने इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) रीजनल मीट 2025 में 18 संस्थानों के बीच सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया।
एनआईटीआरआरएफआईई ₹20 करोड़ की मेइटी इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई-सीओई) परियोजना का एक प्रमुख भागीदार है। इस केंद्र को 27 अगस्त 2026 को एनआईटी रायपुर (एनआईटीआरआरएफआईई के माध्यम से), आईआईआईटी नया रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार के चिप्स तथा एआईसी@36इंक सोसाइटी के बीच चार-पक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के माध्यम से क्रियाशील बनाया गया। इस सहयोग के अंतर्गत एनआईटी रायपुर खनन एवं खनिज, इस्पात एवं उद्योग तथा बहुविषयक स्वास्थ्य सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पहल का नेतृत्व करेगा।
संस्थान के संकाय सदस्यों ने अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। डॉ. तुंगबिद्या महाराणा, टुकेन्द्र कुमार, लकेश्वर डडसेना और डॉ. सत्य ईश्वरी जुज्जावरपु ने अपशिष्ट जल में एंटीबायोटिक की त्वरित एवं मौके पर पहचान के लिए एक पोर्टेबल जैव-विद्युत रासायनिक उपकरण विकसित किया। इस आविष्कार के लिए डॉ. जुज्जावरपु को 18 दिसंबर 2025 को पेटेंट प्राप्त हुआ। उन्हें इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा यंग इनोवेटिव एंड एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड 2026 के लिए भी चुना गया। डॉ. आकांक्षा शराफ को वास्तविक समय में गलत सूचनाओं की पहचान करने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवर्धित वास्तविकता प्रणाली के लिए पेटेंट प्रदान किया गया। वहीं, डॉ. समीर बाजपेयी, डॉ. एम. के. वर्मा, डॉ. इश्तियाक अहमद और डॉ. हिमांशु गोविल को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नदी पुनर्जीवन के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति में नामित किया गया।
विद्यार्थियों ने भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। गेट 2026 में अखिल दीप ने केमिकल इंजीनियरिंग में अखिल भारतीय रैंक 5, अक्षय कौशिक ने माइनिंग इंजीनियरिंग में अखिल भारतीय रैंक 40 तथा चरण पामुरु ने बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में अखिल भारतीय रैंक 67 प्राप्त की। वंशिका जायसवाल, सूरज कुमार, प्रियंशु कुमार, श्वेता चौधरी, संजिदा खातून और वेदप्रकाश साहू की टीम ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 में उपविजेता का स्थान हासिल किया।
जीई हेल्थकेयर प्रिसिजन केयर चैलेंज 2026 में एनआईटी रायपुर की टीमों ने शीर्ष तीन स्थानों में से दो स्थान प्राप्त किए। अनिश जायसवाल, मेहक गुप्ता, शौर्य जैन और अनुराग वर्मा की टीम ‘पीनट बटर’ ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि सूर्या कांत, रौनक कुमार, शाश्वत त्रिगुणायत और आरुष राज गुप्ता की टीम ‘न्यूरोपायलट’ ने द्वितीय उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। सक्षम तिकरिहा, इशिता तिवारी और उज्ज्वल उपाध्याय की टीम ‘वॉइडएक्स’ ने टाटा एलेक्सी की टेलीपोर्ट सीजन 3 प्रतियोगिता जीती। वहीं, अभ्युदय चौधरी, सिद्धार्थ झा और साक्षी गोस्वामी की टीम ने प्रारंभिक चरण में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद जेडएस कैंपस बीट्स 2026 में प्रथम उपविजेता का स्थान हासिल किया।
खेलों के क्षेत्र में संस्थान के विद्यार्थियों की पुरुष योग टीम ने अखिल भारतीय इंटर-एनआईटी योग टूर्नामेंट 2025 का खिताब जीता, जबकि फुटबॉल टीम ने एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित इंटर-एनआईटी फुटबॉल टूर्नामेंट 2025 में उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। संस्थान के संकाय एवं कर्मचारियों ने इंटर-एनआईटी फैकल्टी एंड स्टाफ टूर्नामेंट 2025 में 26 अन्य एनआईटी को पीछे छोड़ते हुए ओवरआल चैंपियनशिप जीती।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 27 अगस्त 2026 को एनआईटी रायपुर ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम की मेजबानी की। इस कार्यक्रम में क्रिकेट खिलाड़ी तिलक वर्मा, छत्तीसगढ़ के माननीय उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। इस आयोजन के माध्यम से देशभर के 1,600 स्थानों पर 8 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ा गया।
संस्थान ने विभिन्न राष्ट्रीय दिवसों और सामाजिक जागरूकता अभियानों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वच्छता ही सेवा 2025 के अंतर्गत स्वच्छता अभियान, पौधारोपण गतिविधियां, जागरूकता कार्यक्रम तथा 15 सितंबर 2025 को स्वच्छता शपथ समारोह आयोजित किया गया। स्वच्छता ही सेवा 2026 और स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के नेतृत्व में वॉकाथॉन, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण तथा राजिम में स्वच्छता अभियान चलाया गया।
26 जनवरी 2026 को संस्थान ने 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस अवसर पर निदेशक द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, एनसीसी परेड आयोजित की गई तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया गया। इसी प्रकार, 15 अगस्त 2026 को 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया, जिसमें एनसीसी परेड का निरीक्षण, ‘हर घर तिरंगा’ रैली और स्वतंत्रता दिवस दौड़ आयोजित की गई।
संस्थान के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण प्रकोष्ठ ने बेटरस्पेस के सहयोग से 14 जुलाई 2026 को दो दिवसीय संकाय उन्नयन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थी मार्गदर्शन, भावनात्मक कल्याण और संवेदनशील संवाद को प्रोत्साहित करना था। इसके अतिरिक्त, विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर अत्यधिक सोचने और अवसाद के चक्र को तोड़ने जैसे विषयों पर संगोष्ठियां आयोजित की गईं।
शैक्षणिक सत्र 2025–26 का प्लेसमेंट सीजन संस्थान के लिए उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान रिकॉर्ड 217 कंपनियों ने परिसर में भर्ती के लिए भाग लिया, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 130 थी। विद्यार्थियों को 820 से अधिक नौकरी के प्रस्ताव प्राप्त हुए और 730 से अधिक विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ। डी. ई. शॉ द्वारा ₹60.3 लाख प्रति वर्ष का सर्वोच्च पैकेज दिया गया। स्नातक विद्यार्थियों का प्लेसमेंट प्रतिशत पिछले चार वर्षों के उच्चतम स्तर, लगभग 74 प्रतिशत, तक पहुंच गया। औसत वार्षिक पैकेज ₹12.39 लाख तथा मध्यिका वार्षिक पैकेज ₹10 लाख रहा। सिविल इंजीनियरिंग में 98 प्रतिशत, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 90 प्रतिशत, केमिकल इंजीनियरिंग में 87 प्रतिशत तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर्ज किया गया। अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, ब्लैकरॉक और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने विद्यार्थियों की भर्ती की।
एनआईटी रायपुर का 17वां दीक्षांत समारोह संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा। नई उपलब्धियों और संभावनाओं की ओर अग्रसर होने वाले स्नातकों की सफलता पर संस्थान को गर्व है। यह समारोह शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और नेतृत्व के माध्यम से समाज के विकास में योगदान देने के संस्थान के संकल्प को एक बार फिर रेखांकित करेगा।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर द्वारा 3 नवंबर 2026 को संस्थान के हीरा हॉल में सात उत्कृष्टता केंद्रों (Centres of Excellence) का उद्घाटन किया जाएगा। यह पहल अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस गरिमामय समारोह में श्री जी. किशन रेड्डी, माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री, मुख्य अतिथि के रूप में तथा श्री विष्णु देव साय, माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, श्री बृजमोहन अग्रवाल, माननीय सांसद, रायपुर तथा डॉ. (श्रीमती) नल्लाथम्बी कलाईसेल्वी, महानिदेशक, CSIR, विशेष अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगी |
उद्घाटित किए जाने वाले सात उत्कृष्टता केंद्र निम्नलिखित हैं:
1. MeitY इंडिया ए आई छत्तीसगढ़ उत्कृष्टता केंद्र इन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (MeitY IndiaAI Chhattisgarh Centre of Excellence in Artificial Intelligence
2. क्रिटिकल मिनरल्स उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence on Critical Minerals
3. कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence in Computational Mechanics)
4. अंतरिक्ष एवं अंतरग्रहीय अन्वेषण केंद्र (Centre of Space and Interplanetary Exploration)
5. मैराल ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य नवाचार केंद्र (Mairal Centre for Innovation in Rural and Tribal Health)
6. एयरोस्पेस एवं स्वायत्त प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence for Aerospace and Autonomous Technologies)
7. नैनोविज्ञान एवं सतत ऊर्जा प्रौद्योगिकी केंद्र (Centre for Nanoscience and Sustainable Energy Technologies
इन केंद्रों का उद्देश्य उन्नत अनुसंधान, बहुविषयक सहयोग एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा उभरती प्रौद्योगिकियों और सामाजिक चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य करना है। यह पहल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की अनुसंधान क्षमता को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में योगदान देने के प्रति एन आई टी रायपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर पर संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे तथा संस्थान के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव भी उपस्थित रहेंगे।
यह आयोजन एनआईटी रायपुर की शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक प्रभाव के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।

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