रायपुर (विश्व परिवार)। रायपुर नगर निगम में केवल बंद कमरों में बैठकों का दौर चल रहा है कभी विधायक महोदय बैठक ले रहे हैं कभी महापौर महोदय बैठक ले रही हैं आयुक्त महोदय बैठक ले रहे हैं रोजाना बैठक नगर निगम की कार्यप्रणाली का हिस्सा हो गया है।
और आम जनता की समस्याओं मूलभूत सुविधाओं के लिए कठोर कदम नहीं उठा पा रहे है।
रायपुर नगर निगम जिस प्रकार संपत्ति कर टैक्स वसूली के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर रहा है वैसे ही जिम्मेदारी आम जनता की मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के लिए क्यों तय नहीं हो पा रही है।
यह एक बड़ा सवाल आज भी सवाल ही बना हुआ है।
अगर मूलभूत सुविधाओं के लिए जिम्मेदारी तय होती तो राजधानी रायपुर की तस्वीर आज दूसरी होती है।
रायपुर राजधानी का स्वरूप दूसरा दिखाई देता। सफाई व्यवस्था लचर हो चुकी है।
इसका परिणाम यह हुआ कि रायपुर शहर के 70 के 70 वार्ड पहली बार पानी में डूब गए थे लोगों के घरों तक में पानी चला गया था आम जनता के दैनिक उपयोग की वस्तुओं का नुकसान हुआ था।
आम जनता के घरों में पानी जाने से उनका आर्थिक नुकसान हुआ।
फिर भी नगर निगम में केवल बैठकें हो रही हैं।
विशेष सामान्य सभा भी वार्डों की मूलभूत सुविधाओं के लिए बुला ली गई।
इसका परिणाम अभी तक रायपुर की प्रत्येक वार्ड के धरातल पर दिखाई नहीं दिया।
यदि आज भी 24 घंटे बरसात होगी तो रायपुर डूबता हुआ रायपुर होगा।
बैठकों के लिए एक दिन एक तिथि तय होनी चाहिए।
कभी भी नहीं अधिकारियों से पूछो तो वह कहते हैं बैठक में है।
रायपुर नगर निगम का गठन जनता की मूलभूत कार्यों को सुचारू ढंग से करने के लिए हुआ है ना कि केवल बैठक करने के लिए जनता आज भी धरातल में परेशान है और अधिकारी केवल बैठकों में व्यस्त है।
सब की एक महती जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
बैठक में अधिकारी इतने व्यस्त हो गए कि अपनी कुर्सियों पर भी अब समय नहीं दे पा रहे हैं रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि
जब देखो तब कभी इसकी बैठक कभी उसकी बैठक कभी कहीं की बैठक ही नगर निगम का उद्देश्य नहीं अगर दिन रात बैठक होगी तो कार्य कब होगा जनता ने महापौर को उनकी मूलभूत सुविधाओं के लिए चुना है केवल बैठकों के लिए नहीं
1)महापौर ने सन् 2025 में पूरे 70 वार्डों में सिटी डेवलप प्लान बनाया था किंतु वो अभी तक लागू नहीं हो पाया 1 साल से ज्यादा समय बीत चुका हैं।
2)जलबोर्ड का गठन 2026 जनवरी में हुआ था उस के कार्य नगर निगम मुख्यालय ऑफिस टेबल तक सीमित रहे है।
3) हजारों महिलाओ के रोजगार के लिए बनाए गए वुमेन गारमेंट फैक्ट्री रोजगार केंद्र जो कि मोवा में है वो केंद्र
अभी भी अपने सुरु होने की बाट जोह रहा है यही हमारी महापौर जी की उपलब्धि है।







