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अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता, 14 शर्तों पर बनी सहमति

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। 14 शर्तों पर यूएस-ईरान के बीच पीस डील हुआ है। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने का भी रास्ता साफ हो गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सबसे पहले सीजफायर समझौते का ऐलान किया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अमेरिका-ईरान शांति समझौता का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज से अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को फौरन हटा लिया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 19 जून 2026 को अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की मदद देंगे। इसके अलावा विदेशों में फंसे ईरान के 24 अरब डॉलर भी जारी किए जाएंगे। साथ ही ईरान ईरान परमाणु हथियार न बनाने का वादा करेगा।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी दे दी है। ट्रम्प ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘दुनिया के जहाजो, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।
19 जून को शांति समझौते पर होंगे हस्ताक्षर
शांति समझौते पर शुक्रवार (19 जून) को जेनेवा में हस्ताक्षर होंगे। ईरान से गालिबाफ और अब्बास अराघची और अमेरिकी की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल होंगे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एलान किया कि वह इस समझौते पर साइन करने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवार को जिनेवा जाएंगे। जेडी वेंस ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस बेहद अहम और बड़े मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद भी जिनेवा पहुंच सकते हैं। इस हाई-प्रोफाइल दौरे के सामने आने के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें शुक्रवार को होने वाले इस समझौते पर टिक गई हैं।

यूएस-ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते की 14 शर्तें

  1. ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल्स और उनसे जुड़े एक्सपोर्ट पर लगी पाबंदियां हटा ली जाएंगी।
  2. ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों का पूरा एक्सेस फिर से मिल जाएगा।
  3. 60 दिनों की बातचीत के दौरान ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी कर दिए जाएंगे. इसमें से 12 अरब डॉलर तो बातचीत शुरू होने से पहले ही जारी कर दिए जाएंगे।
  4. अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए करीब 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करनी होंगी।
  5. लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत और हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।
  6. अमेरिका ईरान के मामलों में दखल न देने और ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा करेगा।
  7. अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी 30 दिनों के अंदर पूरी तरह से हटा ली जाएगी।
  8. अमेरिकी सेनाएं ईरान के आसपास के इलाकों से हट जाएंगी।
  9. होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की व्यवस्था के तहत 30 दिनों के अंदर फिर से खोल दिया जाएगा।
  10. परमाणु मुद्दों और पाबंदियों को पूरी तरह हटाने पर आखिरी समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होगी।
  11. ईरान परमाणु हथियार न बनाने के अपने NPT (परमाणु अप्रसार संधि) के वादे को फिर से दोहराएगा।
  12. अमेरिका बातचीत के दौरान इस क्षेत्र में सेना न बढ़ाने या नई पाबंदियां न लगाने पर सहमत होगा।
  13. एक निगरानी तंत्र इसके कार्यान्वयन पर नज़र रखेगा, और किसी भी अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से मंज़ूरी दी जाएगी।
  14. ईरान का मिसाइल प्रोग्राम और रेजिस्टेंस ग्रुप्स (प्रतिरोध समूहों) को समर्थन इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं।

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