रायपुर (विश्व परिवार)। आज से स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 क्षेत्र के अंतर्गत ब्राम्हणपारा वार्ड क्षेत्र अंतर्गत धोबीपारा उद्यान के समीप सामुदायिक भवन में आरआरआर सेंटर नये स्वरूप में प्रारंभ हो गया। वहां पहुंचकर नगर निगम के जोन 4 के आरआरआर सेंटर का नये स्वरूप में लोकार्पण कर शुभारम्भ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर, एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा, अमर गिदवानी, जोन 4 जोन अध्यक्ष मुरली शर्मा, ब्राम्हणपारा वार्ड पार्षद अजय साहू सहित पार्षद प्रतिनिधि संतोष हियाल, पूर्व पार्षद प्रेम बिरनानी, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राघवेंद्र सिंह ठाकुर, मण्डल अध्यक्ष संतोष सोनी, जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चन्द्रवंशी, कार्यपालन अभियंता शेखर सिंह, स्वच्छ भारत मिशन नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता योगेश कडु, सहायक अभियंता दीपक देवांगन, अमन चंद्राकर, उप अभियंता एसबीएम कृष्णा राठी, संस्कार शर्मा, धरोहर महिला स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं, आमजनों की उपस्थिति में करते हुए शानदार सौगात दी।
इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर निगम रायपुर द्वारा एक ई बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है जो नगर निगम जोन क्रमांक 4 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 7 वार्डों में जाकर वहां से रहवासी नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुएं संग्रह करके लाने का कार्य करेगा, जिन्हें समाज के जरूरतमंद नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन योजना स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत उपलब्ध कराया जायेगा।
इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर महिलाओं के कल्याणार्थ सिलाई मशीन की व्यवस्था दी गई है। जिस पर महिलाएं कार्य कर रोजगारयुक्त हो सकेंगी एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगी। यहां नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर का संचालन धरोहर स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं के माध्यम से जनहित में योजना अंतर्गत किया जायेगा। साथ ही वहां बर्तन बैंक, झोला बैंक की व्यवस्था रखी गयी है। अलग-अलग आलमारियों के खंडों में पुराने कपड़ों, जूते-चप्पलों, इलेक्ट्रॉनिक सामानों, पुराने बर्तनों, पुराने प्लास्टिक सामानों एवं अन्य पुरानी अनुपयोगी वस्तुओं को रखने की व्यवस्था दी गई है। जिससे नागरिकों को यहां नगर निगम जोन 4 के ब्राम्हणपारा वार्ड क्षेत्र में धोबीपारा उद्यान के समीप सामुदायिक भवन तक पहुंचकर अपने घरों की अनुपयोगी वस्तुओं को देना सहज और सरल हो सके। इससे पर्यावरण संरक्षण सहित जरूरतमंद नागरिकों तक उनके उपयोग की वस्तुएं सहजता से पहुंचायी जा सकेंगी।

इस अवसर पर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने नागरिकों को बताया कि आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसायकल) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उद्देश्य कचरे को स्रोत पर कम करना, उपयोग योग्य वस्तुओं का पुनःउपयोग बढ़ाना तथा अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर संसाधनों का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलती है। आरआरआर सेंटर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहां नागरिक अपनी उपयोग योग्य वस्तुएं दान करते हैं, जिन्हें मरम्मत कर जरूरतमंदों को निःशुल्क या न्यूनतम लागत पर उपलब्ध कराया जाता है। आरआरआर सेंटर में संग्रहित एवं मरम्मत की गई उपयोग योग्य वस्तुओं को जरूरतमंद नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
इसके साथ ही जो सामग्री पुनः उपयोग योग्य नहीं होती, जैसे पुराने व अनुपयोगी कपड़े, उन्हें स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा पुनर्चक्रित कर थैले, झोले आदि उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। इसके अतिरिक्त शेष अपशिष्ट को अधिकृत रिसाइक्लर्स एवं प्रोसेसिंग यूनिट्स तक भेजा जाता है, जिससे वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित होता है और सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा मिलता है।
महापौर मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम की ओर से आगामी विश्व पर्यावरण दिवस दिनांक 5 जून 2026 के अवसर पर सभी नागरिकों से एक बार पुनः विनम्र अपील की है कि कृपया अपने घर में उपयोग में न आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करने का कष्ट करें। नागरिकों के इस छोटे से प्रयास से न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलेगा, बल्कि इन वस्तुओं के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान भी लाई जा सकेगी।







