रायपुर (विश्व परिवार)। भारत सरकार ने रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करने तथा सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) शुरू की है। पूर्व में इसे रोजगार आधारित प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive – ELI) योजना के नाम से जाना जाता था। योजना में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
करीब 99,446 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे जो पहली बार औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बनेंगे। योजना के लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू होंगे।
19 जून को रायपुर में होगा राष्ट्रीय कार्यक्रम
योजना के क्रियान्वयन के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा 19 जून 2026 को शाम 4 बजे एम्स (AIIMS) रायपुर के सभागार में एक राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति रहेगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
देशव्यापी आयोजन के तहत पात्र लाभार्थियों को लगभग 2,400 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी। साथ ही देशभर के लगभग 200 प्रमुख औद्योगिक एवं रोजगार केंद्रों में क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां नियोक्ता नए कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति-पत्र भी प्रदान करेंगे।
प्रथम बार नौकरी पाने वालों को मिलेगा ₹15,000 तक प्रोत्साहन
योजना के भाग-A के अंतर्गत EPFO में पंजीकृत तथा प्रति माह 1 लाख रुपये तक वेतन प्राप्त करने वाले प्रथम बार नियुक्त कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबर, अधिकतम 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
यह राशि दो किस्तों में मिलेगी—
- पहली किस्त छह माह की निरंतर सेवा पूर्ण होने पर।
- दूसरी किस्त बारह माह की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद।
योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा निश्चित अवधि के लिए बचत खाते में सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे युवाओं में बचत की आदत को बढ़ावा मिल सके।
नियोक्ताओं को भी मिलेगा प्रोत्साहन
योजना के भाग-B में अतिरिक्त रोजगार सृजन करने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर नियोक्ता को 3,000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिलेगा।
- यह लाभ दो वर्षों तक दिया जाएगा।
- कर्मचारी का कम से कम छह माह तक लगातार कार्यरत रहना आवश्यक होगा।
- विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा।
पात्रता की शर्तें
EPFO से पंजीकृत प्रतिष्ठानों को योजना का लाभ लेने के लिए—
- 50 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में कम से कम 2 अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी।
- 50 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में कम से कम 5 अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति आवश्यक होगी।
भुगतान की व्यवस्था
- भाग-A के अंतर्गत कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम (ABPS) के माध्यम से डीबीटी द्वारा सीधे खाते में भेजी जाएगी।
- भाग-B के तहत नियोक्ताओं को राशि उनके PAN से जुड़े बैंक खातों में सीधे जमा की जाएगी।
युवाओं और उद्योगों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन को गति मिलेगी, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ा जा सकेगा तथा देशभर में करोड़ों श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार होगा। यह योजना विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







