- “राजभाषा अधिनियमों व नियमों का पालन करना संवैधानिक विषय है । इसलिए सभी कार्य अनिवार्य रूप से हिन्दी या द्विभाषी होने चाहिए”- मंडल रेल प्रबंधक दयानंद
रायपुर (विश्व परिवार)। आज मंडल रेल प्रबंधक दयानंद की अध्यक्षता में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति, रायपुर की 73वीं बैठक आयोजित की गई । बैठक के दौरान रेलवे बोर्ड द्वारा जारी मानक कार्यसूची के अनुसार जनवरी – मार्च 2026 अवधि की मंडल पर हुई राजभाषा प्रगति की समीक्षा की गई ।
वरिष्ठ मंडल इजीनियर (समन्वय) उत्कर्ष पाण्डेय ने उपस्थित सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि,- “हम सभी का कर्तव्य है कि वार्षिक कार्यक्रम में दिए गए लक्ष्यों का पूर्ण पालन करें । राजभाषा कार्यान्वयन समिति की यह बैठक हमारे लिए आत्ममूल्यांकन एवं भावी कार्ययोजना निर्धारित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है । इस बैठक में हम गत तिमाही के राजभाषा संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करेंगे, राजभाषा क्रियान्वयन के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों पर विचार करेंगे तथा राजभाषा के प्रयोग को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक सुझावों एवं उपायों पर चर्चा करेंगे ।”
मंडल रेल प्रबंधक दयानंद ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, – “राजभाषा अधिनियमों व नियमों का पालन करना संवैधानिक विषय है । इसलिए सभी कार्य अनिवार्य रूप से हिन्दी या द्विभाषी होने चाहिए ।” उन्होंने कहा कि, मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति बैठक एक अनिवार्य बैठक है जिसमें शाखा अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक है । हिन्दी के प्रयोग – प्रसार के लिए छोटे-छोटे उपाय आवश्यक हैं । शाखा अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निदेश हिन्दी में तो अधिक उपयुक्त होगा । आजा हिन्दी में कार्य करना बहुत ही सरल है । एक ही प्रकार के पत्रों को टेम्पलेट बनाकर हिन्दी में कार्य का प्रतिशत आसानी से बढ़ाया जा सकता है ।
बैठक का संचालन राजभाषा अधिकारी निकेश कुमार पाण्डेय ने किया । धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक समाप्ति की घोषणा की गई ।







