- प्रभु के पालना जी की भक्ति 144 एवेन्यु अमलीडीह के गोलछा परिवार निवास पर
- श्री सीमंधर मंदिर में 14 परिवारों ने 14 महास्वप्नों का पूजन किया
- कु दिया कोचर के समवेत शिखर तपस्या निमित्ते निर्मल पारख नेहा झाबक की प्रभुभक्ति
(विश्व परिवार)। खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी द्वारा प्रतिष्ठित श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर भैरव सोसायटी में महावीर जन्मवांचन के अवसर पर पालना महोत्सव व 14 स्वप्नों का पूजन दादागुरुदेव की बड़ी पूजा के अवसर पर धूमधाम से मनाया गया। प्रभु महावीर स्वामी के पालना जी के पूजन का चढ़ावा रमेश अनुराग अंकिता आन्या अंकन गोलछा परिवार 144 एवेन्यु अमलीडीह ने लिया है , प्रातः 9 . 30 बजे सीमंधर स्वामी जैन मंदिर से गोलछा परिवार बाजे गाजे व श्रीसंघ के साथ पालना जी व चौदह महास्वप्नों को बधा कर स्व निवास ले जाकर पूजन किया । श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि जब भगवान महावीर स्वामी मातारानी त्रिशला के गर्भ में आते हैं उस रात्रि माता 14 महास्वप्न देखती है । जन्मवांचन के अवसर पर सकल जैन समाज महास्वप्नों जी का पूजन करते हैं । अध्यक्ष संतोष बैद ने मंत्रोच्चार के साथ स्वप्नों जी का पूजन करवाया । श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर में आज माता त्रिशला महारानी के 14 स्वप्नों का पूजन क्रमशः श्वेत हस्ती – संतोष सरला बैद , वृषभ – पदम चंद कमल जी अनिल जी गोलछा , सिंह – महेन्द्र कुमार तरुण कुमार मानस गौरव कल्प गर्वित प्रेरित कोचर , लक्ष्मी देवी – तिलोकचंद शांतिलाल अशोक कुमार बरड़िया , पुष्पों की माला – संजय कुमार अजय कुमार पारख , पूर्ण चन्द्रमा – रश्मि देवी प्रीत कुमार पारख , मुम्बई , दैदिप्यमान सूर्य – माया देवी राजेन्द्र यश महिमा जयदीप सेठिया , ध्वजा – तारा देवी खेमराज बैद , स्वर्ण कलश – गुलाब चंद सोहनलाल टीकम सपना गोलछा , कमल सरोवर – इन्दर चंद जय कुमार विजय कुमार सांखला , क्षीरसागर – जितेन्द्र अंजली गोलछा , देवविमान – प्रदीप कुमार प्रणव बोथरा , नयापारा राजिम , रत्नों की राशि – स्मृतिशेष भीखमचन्द कोठारी के आत्मश्रेयार्थ पुष्पादेवी कोठारी , आनंदम सिटी , निरधुम अग्नि – राजेश करुणा कुशल सिंघी , अरिहंत हाईट परिवार द्वारा किया गया । शनिवार को ही सीमंधर स्वामी जैन मंदिर में पालना महोत्सव के अवसर पर सुप्रसिद्ध गायक निर्मल पारख व नेहा झाबक गायन प्रस्तुत करेंगे । आज की प्रभु भक्ति कु दिया कोचर के समवेत शिखर तपस्या के निमित्ते महेन्द्र कुमार तरुण कुमार कोचर परिवार की ओर से रखी गई है ।







