धरसीवां (विश्व परिवार)। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “सेवा के रंग राष्ट्र के संग” का भव्य आयोजन शासकीय पंडित श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति एवं राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत आकर्षक रंगोली प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता एवं स्वस्थ समाज निर्माण का संदेश दिया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने राष्ट्रहित, सामाजिक जिम्मेदारी, स्वच्छता, नशामुक्ति एवं देश के विकास में अपना योगदान देने की शपथ ली।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में जिला प्रभारी सुरेंद्र पाटनी, देव जी भाई पटेल पूर्व विधायक चंद्रकांती वर्मा उपाध्यक्ष ओबीसी आयोग एवं जिला प्रभारी “रंग राष्ट्र”, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष शकुंतला सेन जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, , जनपद पंचायत उपाध्यक्ष दिनेश खूंटे, जिला पंचायत सदस्य सरोज चंद्रवंशी, सविता चंद्राकर, हरिशंकर निषाद जिला पंचायत सदस्य। पूजा वर्मा अध्यक्ष जनभागीदारी समिति। अशोक सिन्हा ओबीसी मोर्चा नगर पंचायत तिल्दा अध्यक्ष चंद्रकला, नगर पंचायत कुर्रा गोविंद साहू, महिला मोर्चा अध्यक्ष रश्मि वर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
इसके अलावा जनपद पंचायत सभापति रुक्मिणी वर्मा, जनपद पंचायत सभापति बबिता गणेशन, सरपंच संघ अध्य्क्ष अरविंद ठाकुर, दिलेंद्र बंछोर, भूपेंद्र कसार, , राकेश यादव, सुनील शर्मा, हरि वर्मा, सीमा वर्मा, किरण साहू, हीरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों में जनपद पंचायत धरसीवां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष केशरवानी, तहसीलदार राजकुमार साहू, परियोजना अधिकारी अलका सक्सेना, सुषमा मिश्रा एवं वाइस प्रिंसिपल सहित महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। पूरे आयोजन में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी और विकसित भारत के निर्माण का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।







