धमतरी (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, बीमारियों की शीघ्र पहचान और उन्हें समय पर उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने तीन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। चिरायु टीम-बी मगरलोड की सतर्कता और तत्परता से जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease–CHD) से पीड़ित तीन बच्चों की समय रहते पहचान हुई और उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया गया।
विगत 4 अगस्त को चिरायु टीम-बी मगरलोड द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान केरिना कंवर (15 वर्ष), कुमकुम साहू (3 वर्ष) एवं युवेश कमार (9 वर्ष) में संभावित जन्मजात हृदय रोग के लक्षण पाए गए। टीम ने बिना विलंब किए बच्चों को आवश्यक जांच एवं विशेषज्ञ उपचार के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक निजी हॉस्पिटल, रेफर किया तथा उपचार प्रक्रिया में आवश्यक समन्वय और फॉलोअप सुनिश्चित किया।
अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं परीक्षण किए गए। जांच में जन्मजात हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि होने के बाद तीनों बच्चों को सर्जिकल उपचार की आवश्यकता बताई गई। चिकित्सकों की देखरेख में तीनों बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के पश्चात बच्चों के स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार हुआ और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। चिरायु टीम द्वारा बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेते हुए उपचार के बाद भी आवश्यक फॉलोअप किया जा रहा है।
इस पूरी प्रक्रिया में चिरायु टीम की भूमिका केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों को उचित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने, उपचार के लिए समन्वय स्थापित करने और उपचार के बाद स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी करने तक रही। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कितनी महत्वपूर्ण है।
जन्मजात हृदय रोग कई बार बच्चों में प्रारंभिक अवस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान संभावित लक्षणों की पहचान बच्चों को गंभीर जटिलताओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चिरायु कार्यक्रम इसी उद्देश्य से बच्चों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग कर उन्हें आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
तीनों बच्चों का सफल उपचार उनके परिवारों के लिए राहत और खुशी का विषय है। यह सफलता समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, प्रारंभिक पहचान, त्वरित रेफरल, विशेषज्ञ उपचार और सतत फॉलोअप के प्रभावी समन्वय का उदाहरण है।







