खैरागढ़-छुईखदान-गंडाईछत्तीसगढ़

कलेक्टर कार्यालय परिसर में शराबखोरी का वीडियो वायरल, आबकारी विभाग के कर्मचारी कटघरे में

खैरागढ़ (विश्व परिवार)। जिले के सबसे संवेदनशील प्रशासनिक परिसर कलेक्टर कार्यालय से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सरकारी कार्यालयों की कार्यसंस्कृति और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित जिला आबकारी कार्यालय के दो कर्मचारी कथित रूप से शराब का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की चर्चा जिलेभर में हो रही है।
बताया जा रहा है कि वीडियो में आबकारी विभाग के सहायक ग्रेड-3 सुजीत पूरी गोस्वामी और मुख्य लिपिक वीरेंद्र सिंह यादव दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों कर्मचारी कार्यालयीन समय के दौरान विभागीय परिसर में शराब पी रहे थे। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि और जांच अभी बाकी है, लेकिन दृश्य सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी और सवाल दोनों बढ़ गए हैं।
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि यह घटना उस विभाग से जुड़ी बताई जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी जिले में शराब के विक्रय, नियंत्रण और नियमों के पालन की निगरानी करना है। ऐसे में आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि नियमों का पालन करवाने वाले विभाग के कर्मचारी ही कार्यालय परिसर में शराब सेवन करते नजर आएं तो व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय से कर्मचारियों के शराब पीने का वीडियो वायरल हुआ था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाने की मांग
कलेक्टर कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र से जुड़े वीडियो ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि सरकारी कार्यालयों में गलत संदेश न जाए।
जांच के बाद नियमानुसार होगी कार्रवाई : एडीएम
पूरे मामले पर खैरागढ़ एडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। संबंधित आबकारी अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वायरल वीडियो ने जिला प्रशासन को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। अब सभी की नजरें जांच पर टिकी हैं कि वीडियो में दिख रहे दृश्य कितने सही हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला केवल दो कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और निगरानी व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करेगा।

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