रायपुर (विश्व परिवार)। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राज्य सरकार पर बस्तर एवं नक्सलवाद को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा का कांग्रेस स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद अमित शाह ने बस्तर के कई दौरे किए और नक्सल विरोधी अभियान की निगरानी स्वयं की, यह भी स्वागत योग्य है।
हालांकि भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की बैठक में अमित शाह ने जो बातें कहीं, वह “झूठ का पुलिंदा” हैं और उन्हें राज्य सरकार द्वारा बस्तर की वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी दी गई है।
कांग्रेस सरकार के कार्यों का किया उल्लेख
भूपेश बघेल ने कहा कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार ने बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ठोस कार्य किए, जिसके कारण वर्तमान सरकार को अभियान चलाने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में सुरक्षा कैंप, सड़क निर्माण, बिजली, राशन दुकान और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान कोंडागांव जिला और बस्तर के करीब 600 गांव नक्सल मुक्त घोषित किए गए थे। साथ ही बंद पड़े 275 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया।
भाजपा सरकार पर लगाए आरोप
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने अमित शाह को यह नहीं बताया कि राज्य में 10,463 स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है, जिनमें से 1,163 स्कूल बस्तर संभाग के हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने राशन दुकानों और आदिवासियों को मिल रहे लाभों की वास्तविक जानकारी भी गृहमंत्री को नहीं दी। कांग्रेस सरकार के दौरान बस्तर संभाग में 1,538 पीडीएस दुकानें संचालित हो रही थीं और प्रति माह 21,200 मीट्रिक टन चावल वितरित किया जा रहा था।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 5 वर्षों में 4.57 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और 46 हजार सामुदायिक वनाधिकार पट्टे वितरित किए थे।
रमन सरकार पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेताओं ने पूर्व भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 15 वर्षों के शासनकाल में नक्सलवाद से गलत तरीके से निपटा गया, जिससे आदिवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में फर्जी मुठभेड़ हुईं, हजारों आदिवासियों को झूठे मामलों में जेल भेजा गया और बड़ी संख्या में गांव खाली कराने पड़े।
डेयरी मॉडल को लेकर भी टिप्पणी
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अमित शाह द्वारा बस्तर में डेयरी नेटवर्क विकसित करने और हर आदिवासी परिवार को गाय-भैंस देने की योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमूल मॉडल कांग्रेस शासनकाल की देन है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पूर्व में भी ऐसी योजना शुरू की थी, लेकिन खराब गुणवत्ता की गायें बांटने के कारण योजना विफल हो गई थी।
राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की अपील
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद खत्म होना सभी का सपना है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन इसका पूरा श्रेय लेने के लिए कांग्रेस सरकार के कार्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, अमितेश शुक्ल, मलकीत सिंह गैदू, सुशील आनंद शुक्ला, विधायक अनिला भेड़िया, अंबिका मरकाम, जनक ध्रुव, सावित्री मंडावी, गुरुमुख सिंह होरा सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।







