नई दिल्ली (विश्व परिवार)। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की पूर्व सीएम और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को झटके पर झटके लगने का दौर जारी है। ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। दीदी की करीबी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने इस्तीफा दे दिया है। साथ ही सुष्मिता देव ने पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया है। हालांकि उनके इस्तीफे का कारण सामने नहीं आया है। उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए एक और राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही अंदरूनी असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाओं का सामना कर रही है। सुष्मिता देव लंबे समय से टीएमसी का प्रमुख चेहरा रही हैं और पार्टी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
सुखेंदु शेखर के बाद सुष्मिता देव दूसरी टीएमसी सांसद हैं, जिन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दिया है। सुष्मिता पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं। सुष्मिता देव असम के सिलचर की रहने वाली हैं। वह 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर सिलचर से सांसद चुनी गई थीं। इसके अलावा कांग्रेस ने उन्हें महिला कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाया था। साल 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में शामिल हो गईं थी।
लोकसभा के 20 सांसदों ने अलग गुट बनाया
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद राज्य की सत्ता से बाहर हुई ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ताश के पत्ते की तरह बिखरती जा रही है। विधायक दल में बिखराव के बाद टीएमसी के 20 सांसदों ने बगावत करते हुए अलग गुट बना लिया है। टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद एक अलग गुट बनाकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार को समर्थन करने का फैसला किया है। वहीं बागी सांसदों ने काकोली घोष (Kakoli Ghosh) को अपना चीफ व्हिप चुना है।
हालांकि अभी तक जो नाम सामने आए हैं, उसमें टीएमसी के 14 सांसद है। काकोली घोष के साथ में शताब्दी रॉय, बापी हलदर, अरूप चक्रवर्ती, जून मालिया, दीपक अधिकारी (देव), कालीपदा सरेन, जगदीश बसुनिया, असित मल, अबू ताहिर खान, खलीकुर रहमान, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी और पार्थ भौमिक हैं।







