नई दिल्ली (विश्व परिवार)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी टीएमसी (TMC) लगातार बिखरती जा रही है। विधायक और सांसदों ने टूट के अलग गुट बनाकर एनडीए को समर्थन दे दिया है। वहीं टीएमसी के खातों पर भी टीएमसी के बागी गुट ने दावा ठोक दिया है। इससे ममता बनर्जी को भी पार्टी के फंड से पैसे निकालने का अधिकार खोने का अंदेशा उत्पन्न हो गया। ममता बनर्जी का कई कद्दावार नेता साथ छोड़ चुके हैं। इसी बीच टीएमसी की फायर ब्रांड नेता महुआ मोइत्रा के सोशल मीडिया पोस्ट ने बंगाल की सियासत में नया बवंडर खड़ा कर दिया है। महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार की तारीफ की है। महुआ मोदी सरकार की घोर विरोधी रहीं हैं। ऐसे में उनके पोस्ट ने कई संभवनाओं को जन्म दे दिया है।
दरअसल ममता बनर्जी की कट्टर समर्थक माने जानी वाली महुआ मोइत्रा को राजनाथ सिंह ने पत्र लिखा है। इसमें रक्षा मंत्री ने महुआ मोइत्रा द्वारा उठाए गए मुद्दे की सराहना की है। पत्र को खुद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया है।
महुआ मोइत्रा ने पत्र को शेयर करते हुए लिखा- आर्म्ड फोर्सेज़ डिसेबिलिटी पेंशन के लिए IT छूट जारी रखने के लिए आपकी हमदर्दी के लिए @rajnathsingh जी का धन्यवाद। उम्मीद है कि @FinMinIndia के अधिकारियों को भी ऐसी ही हमदर्दी होगी और वे इस गलत प्रस्ताव को कभी शुरू करने से बचेंगे। जय हिंद।
मोइत्रा के नाम के इस लेटर में राजनाथ सिंह ने लिखा है-कृपया लोकसभा में नियम 377 के तहत आपके द्वारा उठाए गए उस मामले पर ध्यान दें, जिसमें सेवा के दौरान घायल हुए लेकिन रिटायरमेंट तक ड्यूटी जारी रखने वाले सशस्त्र बलों के कर्मियों की विकलांगता पेंशन पर इनकम टैक्स छूट हटाने के फैसले की समीक्षा करने की बात कही गई थी। इस मामले की जांच की गई है. जानकारी मिली है कि रक्षा बलों के कर्मियों को दी जाने वाली विकलांगता पेंशन पर इनकम टैक्स छूट का मामला वित्त मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस मुद्दे पर चिंता को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा अधिसूचित वित्त अधिनियम 2026 के नोट 12 में कहा गया है कि अधिसूचित संशोधन उस तारीख से या उसके बाद लागू होंगे, जिसे केंद्र सरकार इस संबंध में अधिसूचित करेगी। ऐसा अधिसूचना जारी होने तक भारतीय सशस्त्र बलों के विकलांग अधिकारियों की पूरी विकलांगता पेंशन और सेवा वाला हिस्सा इनकम टैक्स से मुक्त रहेगा।
विधानसभा में बीजेपी से मिली शिकस्त के बाद ममता की पार्टी में भागमभाग
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के हाथों मिली करारी शिकस्त के बाद से ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी टीएमसी इस वक्त सबसे खराब दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी (TMC) में बवाल मचा हुआ है। दीदी की पार्टी टीएमसी ताश की पत्ते की तरह बिखरती जा रही है। 60 विधायकों ने अलग गुट बनाकर ममता बनर्जी को अलग-थलग कर दिया। जबकि 20 लोकसभा सांसदों ने भी अलग होकर गुट बना लिया। इसके बाद ममता बनर्जी के 20 सांसदों ने ने हाल ही में नेशनल सिटिजन्स पार्टी में विलय की घोषणा कर दी। सभी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से रविवार को मुलाकात करते हुए ज्ञापन भी सौंपा है। बागी सांसदों के अलग बैठने और उन्हें मान्यता देने को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को फैसला लेना है। जबकि टीएमसी के 4 राज्यसभा सांसदों ने भी टीएमसी से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी इस वक्त अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।
Thank you @rajnathsingh ji for your empathy for continuing IT exemptions for armed forces disability pensions. Hoping mandarins of @FinMinIndia have similar empathy & desist from ever initiating this offensive proposal. Jai Hind. pic.twitter.com/48qVwpGpAD
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) June 20, 2026







