रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के रिक्त आवासों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और विभिन्न संस्थाओं को कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा बल्क परचेस (थोक खरीदी) की व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 14 नवंबर 2025 को राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णय के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेश के विभिन्न शहरों में दिखाई देने लगे हैं। जीएसटी विभाग, मेफेयर संस्था, मैट्स विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थाओं ने आवासों की थोक खरीदी की दिशा में पहल की है।
जीएसटी विभाग ने चार शहरों में खरीदे 68 आवास
मंडल की आवासीय योजनाओं के तहत जीएसटी विभाग ने दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और रायगढ़ में कुल 68 आवास खरीदे हैं। इनमें दुर्ग में 24 मकान लगभग 6.50 करोड़ रुपये, जगदलपुर में 16 मकान लगभग 6 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 25 मकान लगभग 10.35 करोड़ रुपये और रायगढ़ में 3 मकान लगभग 92 लाख रुपये में खरीदे गए हैं। इन आवासों का कुल मूल्य लगभग 23.77 करोड़ रुपये है।
इसी क्रम में नवा रायपुर अटल नगर में प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मेफेयर संस्था ने 128 मकान लगभग 16.20 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। वहीं, मैट्स विश्वविद्यालय ने आरंग में 30 मकान लगभग 2.20 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। इसके अतिरिक्त नवा रायपुर में विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय ने भी 128 फ्लैट्स की बल्क खरीदी का निर्णय लिया है, जिनका कुल मूल्य लगभग 16.20 करोड़ रुपये बताया गया है।
लंबे समय से खाली आवासों के उपयोग पर जोर
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-16, 30 और 34 में प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए आवासों का निर्माण किया है। योजना के प्रथम चरण में कुल 6,296 भवनों का क्रियान्वयन किया गया था।
निर्मित आवासों के विक्रय के लिए लगातार विज्ञापन जारी किए जाने के बावजूद कुछ भवन लंबे समय तक खाली रहे। इससे भवनों की सुरक्षा और रखरखाव की समस्या के साथ मंडल के वित्तीय संसाधनों पर भी असर पड़ रहा था। इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य मंत्रिपरिषद ने 14 नवंबर 2025 को निर्णय लिया कि तीन बार विज्ञापन जारी होने के बाद भी अविक्रित रहने वाले आवासों को पात्र हितग्राहियों के अतिरिक्त अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों और संस्थाओं को भी बेचा जा सकेगा। हालांकि, ऐसे खरीदारों को शासन की ओर से दिए जाने वाले अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।
पात्र हितग्राहियों को अनुदान का लाभ मिलता रहेगा
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह निर्णय दूरदर्शिता और जनहित का अच्छा उदाहरण है। किसी भी आवासीय योजना की वास्तविक सफलता तभी है, जब निर्मित आवासों का उपयोग हो और उनमें लोगों की बसाहट हो। लंबे समय से खाली पड़े भवनों की सुरक्षा, रखरखाव और मंडल के वित्तीय संसाधनों के समुचित उपयोग को ध्यान में रखते हुए शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत EWS और LIG वर्ग के पात्र हितग्राहियों को निर्धारित शासकीय एवं केंद्रीय अनुदान का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। वहीं, अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों और संस्थाओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार बिना अनुदान के आवास खरीदने का अवसर मिलेगा। इससे पात्र हितग्राहियों के हित सुरक्षित रखने के साथ रिक्त भवनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
ऑनलाइन ऑफर से हो रहा आवासों का विक्रय
मंडल के आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न संस्थाएं बल्क परचेस में रुचि दिखा रही हैं। जीएसटी विभाग द्वारा चार शहरों में आवासों की खरीदी तथा मेफेयर और मैट्स विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं की पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण है। विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा नवा रायपुर में 128 फ्लैट्स की बल्क खरीदी का निर्णय भी संस्थागत मांग को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा आवासों का विक्रय निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन ऑफर के माध्यम से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का ध्यान रखा जा रहा है, ताकि इच्छुक व्यक्तियों और संस्थाओं को समान अवसर मिल सके।
आवासीय कॉलोनियों में बसाहट बढ़ाने की पहल
शासन की इस व्यवस्था से लंबे समय से रिक्त आवासों के उपयोग, कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध कराने और आवासीय कॉलोनियों में बसाहट बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ाई गई यह पहल मंडल की आवासीय संपत्तियों के बेहतर उपयोग और संस्थागत आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।







