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RIT रायपुर में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICAISRI-2026 आयोजित, ग्रामीण विकास में AI के उपयोग पर हुआ मंथन

रायपुर (विश्व परिवार)। रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (RIT), रायपुर के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 24 अक्टूबर 2026 को “कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सतत विकास एवं ग्रामीण नवाचार” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICAISRI-2026 का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CGCOST), रायपुर के प्रायोजन में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सतत विकास और ग्रामीण नवाचार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए नवीन तकनीकी उपायों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना था।

सम्मेलन में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), रायपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) एन.वी. रमणा राव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। श्री शुभम अग्रवाल ने सम्मेलन के संरक्षक की भूमिका निभाई। आयोजन में संस्थान के प्रबंधन प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

ग्रामीण विकास में AI की भूमिका पर चर्चा

सम्मेलन के दौरान प्रो. (डॉ.) आशा अम्बियाकर ने आयोजन के उद्देश्यों, प्रमुख विषयगत क्षेत्रों, शोध के विभिन्न आयामों और उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और सतत विकास को बढ़ावा देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स तथा उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है।

डॉ. तनुश्री चटर्जी ने रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की शैक्षणिक गतिविधियों, संस्थागत उपलब्धियों तथा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में संस्थान के योगदान की जानकारी दी। उन्होंने तकनीकी शिक्षा को सामाजिक आवश्यकताओं से जोड़ने और विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को नवाचार आधारित अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

कृषि, जल संरक्षण और पर्यावरण पर रहा विशेष फोकस

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) एन.वी. रमणा राव ने अपने संबोधन में ग्रामीण विकास और सतत भविष्य के निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग कृषि पद्धतियों में सुधार, जल संसाधनों के प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी अनुसंधान का उद्देश्य सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करना और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।

सम्मेलन में कार्बन क्रेडिट, जल संसाधन प्रबंधन और स्मार्ट कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष चर्चा हुई। कार्बन क्रेडिट के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीक आधारित समाधानों की संभावनाओं पर विचार किया गया।

 

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