नई दिल्ली (विश्व परिवार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संशोधित ‘उड़ान’ योजना भी लॉन्च की, जिसका उद्देश्य देश में विमानन कनेक्टिविटी का विस्तार और विमानन-आधारित विकास को गति देना है।
नए टर्मिनल का किया निरीक्षण
प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद नए टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें टर्मिनल की विभिन्न विशेषताओं की जानकारी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया।
480 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ टर्मिनल
यह परियोजना 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की गई है। 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह नया टर्मिनल भवन हर साल 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। इसमें आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यात्रियों को अधिक सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
राजस्थान की विरासत और हरित निर्माण पर विशेष जोर
राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित इस टर्मिनल की वास्तुकला में मेहराब और झरोखों जैसे पारंपरिक तत्वों को आधुनिक डिजाइन के साथ समाहित किया गया है। ऊर्जा-कुशल प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय और हरित भवन निर्माण पद्धतियां इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। टर्मिनल को 5-स्टार जीआरआईएचए रेटिंग के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए टर्मिनल के शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
संशोधित ‘उड़ान’ योजना के लिए 28,840 करोड़ रुपए का प्रावधान
पीएम नरेंद्र मोदी ने संशोधित ‘उड़ान’ योजना भी लॉन्च की। इस योजना के तहत 28,840 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। इसका उद्देश्य अगले 10 वर्षों में विमानन-आधारित विकास को गति देना और देशभर में व्यापक तथा टिकाऊ हवाई कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपैड विकसित होंगे
योजना के तहत मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों का उपयोग करते हुए 100 हवाई अड्डों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके लिए 12,000 करोड़ रुपए से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, क्षेत्रीय हवाई अड्डों के शुरुआती वर्षों में उनके संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) के लिए 2,500 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी जाएगी। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।







