रायपुर (विश्व परिवार)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में केंद्रीय सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के अंतर्गत विशेष व्याख्यान एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित इस सप्ताह की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ है। कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वजनिक प्रशासन में नैतिक आचरण, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के पूर्व न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति टी. पी. शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सार्वजनिक सेवा में नैतिक निर्णय लेने, कानून के शासन का पालन करने और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्थानों में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सत्यनिष्ठा और जवाबदेही आवश्यक हैं।
एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने संस्थान के कार्यों में व्यावसायिक नैतिकता, पारदर्शिता और जिम्मेदार प्रशासनिक व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया। साथ ही संकाय सदस्यों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा के साथ करने और उच्च नैतिक मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
नैतिक आचरण और कानूनी प्रावधानों पर दी जानकारी
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में एम्स रायपुर के कुलसचिव श्री मिलिंद मुजुमदार ने केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमों तथा सरकारी कर्मचारियों में अनुशासन और नैतिक व्यवहार बनाए रखने में उनकी भूमिका की जानकारी दी। वहीं, संस्थान के विधि अधिकारी श्री राकेश कुमार गुप्ता ने सतर्कता के कानूनी पहलुओं पर व्याख्यान दिया। उन्होंने संबंधित कानूनों, नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुपालन के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. के. त्रिपाठी, अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. एली मोहापात्रा, उप निदेशक (प्रशासन) श्री धर्मवीर सिंह चौहान सहित संस्थान के संकाय सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए होंगी प्रतियोगिताएं
एम्स रायपुर के मुख्य सतर्कता अधिकारी प्रो. डॉ. रिपुदमन अरोड़ा ने कार्यक्रम का समन्वय किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, वक्ताओं तथा प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत संस्थान में विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण और नारा लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया जा रहा है। इनका उद्देश्य संस्थान के सदस्यों में नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजन टीम को बधाई दी और संस्थान में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता तथा नैतिक कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।







