रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आज जिला न्यायालय रायपुर में धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (चेक बाउंस) से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा, अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रधान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अविनाश कुमार दुबे सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए 19 विशेष खंडपीठों का गठन किया गया था। इन खंडपीठों के समक्ष लगभग 1,800 प्रकरण रखे गए, जिनमें आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर 847 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
इन 847 मामलों में कुल 22 करोड़ 79 लाख 86 हजार 157 रुपये (₹22,79,86,157) की समझौता राशि के साथ विवादों का निपटारा किया गया।
लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निराकरण का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता। लोक अदालत का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होता है, जिससे पक्षकारों के बीच विवाद, कटुता और वैमनस्य समाप्त होकर स्थायी समाधान प्राप्त होता है।
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस विशेष लोक अदालत में पक्षकारों को भौतिक (फिजिकल) तथा वर्चुअल दोनों माध्यमों से उपस्थित होने की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे अधिक संख्या में मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण संभव हो सका।







