छत्तीसगढ़रायपुर

मई दिवस पर संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल की रैली का ऐलान: चारों श्रम संहिताओं को वापस करवाने का संघर्ष तेज होगा

रायपुर (विश्व परिवार)। मजदूरों के अंतर्राष्ट्रीय पर्व मई दिवस के अवसर पर आज शाम संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल द्वारा मोतीबाग से रैली निकाली गई l इसमें बीमा, बैंक, राज्य सरकार, टेलीकॉम, पोस्टल कर्मचारियों, दवा प्रतिनिधियों सहित रेहड़ी श्रमिक एवं पेंशनर्स सहित बड़ी संख्या में मजदूर व कर्मचारी शामिल हुए। बैनर, पोस्टर व झंडो से सुसज्जित यह रैली छोटपारा, कोतवाली, बुढ़ापारा, नगर निगम व्हाइट हाउस, महिला थाना चौक होते हुए राजीव गांधी तिराहा में आमसभा में परिवर्तित हो गई। सभा की अध्यक्षता कौंसिल के अध्यक्ष का.वी एस बघेल ने की। सभा के मुख्य वक्ता आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसियेशन के अध्यक्ष का. धर्मराज महापात्र ने कहा कि वर्ष 1886 में अमेरिका के श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्यदिवस की मांग पर आंदोलन कर शहादते दी थी। इसके बाद दुनिया भर में यह आंदोलन फैल गया। इसके चलते दुनिया के अधिकांश हिस्सों में 8 घंटे के कार्यदिवस को मान्यता मिली। लेकिन आज मोदी सरकार 4 लेबर कोड थोपकर 140 वर्षों की इस लड़ाई से हासिल अधिकार छीनकर मजदूरों को गुलामी की जिंदगी में धकेल चुकी है। इन 4 श्रम संहिताओं को रद्द कर पुराने 44 श्रम कानूनों की बहाली की माँग पर आंदोलन तेज होगा। उन्होंने तेल के लिए खून बहाने की अमेरिकी साम्राज्यवाद की नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि युद्ध का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव दुनिया के मेहनतकशों की जीवन स्थितियों पर पड़ रहा है l का. महापात्र ने मोदी सरकार की निजीकरण की नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि देश आज कार्पोरेट और सांप्रदायिकता की ताकतों के गठजोड़ से चलाया जा रहा है। यह भारत के भविष्य के लिए खतरनाक है। सभा को तृतीय वर्ग शा. कर्म. संघ के प्रदेश अध्यक्ष का. चंद्रशेखर तिवारी, प्राइवेट शिक्षक संघ के अध्यक्ष का. राजेश अवस्थी,आर डी आई ई यू के महासचिव का. गजेन्द्र पटेल, संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल के सचिव का. सुरेंद्र शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने 8 घंटे के कार्य दिवस को बहाल करने, सरकारी क्षेत्र में नई भर्ती आरम्भ करने,32000 रुपए न्यूनतम वेतन देने, औद्योगिक दुर्घटनाओं के जिम्मेदार मालिकों पर कार्यवाही करने, महंगाई व बेरोज़गारी पर रोक लगाने, ठेका प्रथा समाप्त करने, पेंशन फंडों के निजीकरण पर रोक लगाने, योजना कर्मियों को नियमित करने, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण पर रोक लगाने, किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य देने, एस आई आर पर रोक लगाने, संविधान की रक्षा करने, मजदूर आंदोलनों पर पुलिसिया दमन पर रोक लगाने, वित्तीय क्षेत्रों में एफ डी आई पर रोक लगाने, एल आई सी के विनिवेशीकरण पर रोक लगाए जाने सहित अनेक मुद्दों पर अपनी बातें रखी । संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल के अध्यक्ष का. वी एस बघेल द्वारा प्रस्तुत आभार प्रदर्शन के साथ सभा की कार्यवाही समाप्त हुई l आज की रैली व आमसभा का नेतृत्व सीटू नेता नवीन गुप्ता, विभाष पटौदी, अजय कन्नौजे, के के साहू, आर डी आई ई यू से राजेश पराते, अनुसुइया ठाकुर, पोस्टल यूनियन से दिनेश पटेल, सी जेड आई ई ए से ललित वर्मा, संदीप सोनी, बीमा पेंशनर्स संघ से अतुल देशमुख द्वारा किया गया।

 

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