छत्तीसगढ़

कुंरा में ‘सुशासन तिहार’ का भव्य आगाज:विधायक अनुज शर्मा ने आमजन की समस्याओं का किया त्वरित समाधान

धरसींवा (विश्व परिवार)। क्षेत्र के आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से ‘सुशासन तिहार’ की गरिमामय शुरुआत 1 मई को धरसींवा ब्लॉक के नगर पंचायत कुंरा से हुई। इस वृहद जिला स्तरीय शिविर का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा के मुख्य आतिथ्य, नगर पंचायत अध्यक्ष कुँवरगढ़ श्री गोविंद साहू व पार्षदों की गरिमामय उपस्तिथि में दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला, जहाँ विधायक ने स्वयं मौजूद रहकर लोगों की शिकायतों और मांगों को सुना।

सुशासन के इस महाशिविर में प्रशासन की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ कुल 23 विभागों के स्टाल लगाए गए थे। स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत, कृषि और महिला बाल विकास जैसे प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही जनता की समस्याओं का निपटारा किया। शिविर में दिनभर में कुल 196 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 136 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। शेष बचे 60 आवेदनों के संबंध में विधायक अनुज शर्मा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए जल्द से जल्द समाधान करने का वादा किया, ताकि किसी भी ग्रामीण को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
शिविर के दौरान संवेदनशीलता का परिचय देते हुए विधायक द्वारा दिव्यांगजनों को ट्रायसिकल का वितरण भी किया गया। सहायता पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिल उठे।

इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार का मूल मंत्र ‘अंत्योदय’ है, यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचाना। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा, “सुशासन तिहार केवल एक सरकारी आयोजन नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति हमारी जवाबदेही का प्रतीक है। आज प्रशासन खुद चलकर आपके दरवाजे तक आया है ताकि आपको दफ्तरों की धूल न फांकनी पड़े। हमारा लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को बिना किसी भ्रष्टाचार और देरी के मिले। अनुज शर्मा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास की गारंटी घर-घर पहुँच रही है। 23 विभागों का एक साथ एक छत के नीचे आना यह दर्शाता है कि हम समस्याओं को टालने में नहीं, बल्कि सुलझाने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने शेष 60 आवेदनों पर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे स्वयं इन प्रकरणों की निगरानी करेंगे और निर्धारित समय सीमा के भीतर इनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।

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