1. 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया है। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। सरकार के अनुसार, 27.50 लाख से अधिक किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
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पिछले वर्ष पंजीकृत एग्रीस्टैक आईडी वाले किसानों को दोबारा पंजीयन नहीं कराना होगा।
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धान बेचने के लिए समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत नहीं होगी।
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वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होगी।
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360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे। इस वर्ष कुल 3,100 केंद्रों पर खरीदी होगी।
इसके अलावा, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान के नीलामी के माध्यम से निराकरण संबंधी मंत्रिमंडलीय उपसमिति के निर्णय का भी अनुसमर्थन किया गया।
2. बिजली बिल में राहत 31 मार्च 2027 तक जारी
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिल रही रियायत जारी रहेगी। योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है। इससे लगभग 7.25 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी।
3. शासकीय कर्मचारियों और परिवारों को कैशलेस इलाज
मंत्रिपरिषद ने शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के समय मरीजों को चिकित्सा व्यय का भुगतान स्वयं करके बाद में प्रतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। पूर्व अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से होगी।
4. सड़क निर्माण कार्यों के लिए 130.88 करोड़ रुपये की राहत
डामर यानी बिटुमिन की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए सरकार ने सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदारों को मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है।
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छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए 130.88 करोड़ रुपये की राहत दी जाएगी।
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यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक वास्तव में खरीदे और उपयोग किए गए बिटुमिन की मात्रा पर लागू होगी।
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राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों के पात्र अनुबंधों के लिए अतिरिक्त 70 से 100 करोड़ रुपये तक व्यय का अनुमान है।
सरकार के अनुसार, इससे लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति देने और निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी।
5. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को मंजूरी
प्रदेश में सड़क और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की योजना, गुणवत्ता और निगरानी बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को मंजूरी दी गई है। यह मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा।
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कुल प्रस्तावित प्रावधान: 500 करोड़ रुपये।
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प्रतिवर्ष प्रस्तावित राशि: 100 करोड़ रुपये।
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नोडल विभाग: लोक निर्माण विभाग।
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क्रियान्वयन एजेंसी: छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड।
मिशन के तहत सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान, जीआईएस आधारित नियोजन, परियोजनाओं की डीपीआर की अग्रिम तैयारी, डिजिटल निगरानी, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट और पीपीपी मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा।
6. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन शुरू होगा
प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी गई है। यह मिशन अगले पांच वर्षों तक संचालित होगा, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
इसके तहत पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता विकसित की जाएगी। साथ ही होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।
7. कटघोरा से डोंगरगढ़ तक 295 किलोमीटर की रेल परियोजना
मंत्रिपरिषद ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
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रेल लाइन की लंबाई: 295 किलोमीटर।
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अनुमानित परियोजना लागत: लगभग 8,000 करोड़ रुपये।
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प्रस्तावित अंशपूंजी: लगभग 2,000 करोड़ रुपये।
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राज्य शासन और रेल मंत्रालय का प्रस्तावित योगदान: लगभग 1,000-1,000 करोड़ रुपये।
इस परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।
8. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी
खिलाड़ियों को प्रतिभा पहचान से लेकर पदक जीतने तक व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
विद्यालयों और चयन शिविरों के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी। इसके बाद फीडर सेंटर, राज्य खेल अकादमियों और उच्च प्रदर्शन केंद्रों में प्रशिक्षण, विशेषज्ञ कोचिंग एवं खेल विज्ञान की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
9. कूंरा नगर पंचायत का नाम होगा कुंवरगढ़
मंत्रिपरिषद ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, कुंवरगढ़ छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल रहा है और अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों तथा तालाबों के लिए जाना जाता है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इसकी ऐतिहासिक पहचान बहाल करने की मांग कर रहे थे।
10. कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन
मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के कोयला भंडार का मूल्यवर्धित उपयोग और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देना है।
11. पांच स्थानों पर पुनर्विकास परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी
रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इनमें शामिल हैं:
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शासकीय पोल्ट्री फार्म, दुर्ग।
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वेटनरी हॉस्पिटल परिसर, रामानुजगंज।
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जशपुर में पुलिस लाइन और रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि।
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बुधवारी बाजार, सक्ती।
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रुद्री चौक की शासकीय भूमि, धमतरी।
इन परियोजनाओं को निजी क्षेत्र की भागीदारी से पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की योजना है। इससे सरकारी जमीन का बेहतर उपयोग, नई परिसंपत्तियों का निर्माण, राजस्व वृद्धि और रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है।
12. राजनांदगांव में भंडारण सुविधा के लिए 10 एकड़ जमीन
मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे जिले में भंडारण अधोसंरचना का विस्तार होगा और कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ेगी।
13. सोमनी में 400 करोड़ की मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग परियोजना
राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
लगभग 400 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली इस परियोजना में किसानों से सीधे उपज खरीदने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।
14. औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियमों में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य भूमि उपयोग को सरल बनाना, औद्योगिक भूमि संबंधी विवाद कम करना और खाली या अतिरिक्त भूमि का उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करना है। पारदर्शी ई-नीलामी के माध्यम से भूमि आवंटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
15. राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 9 प्रकरण वापस लेने की प्रक्रिया
मंत्रिपरिषद ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने के लिए उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगे की कार्रवाई की अनुमति दी है।
16. सुशासन एवं अभिसरण विभाग में तीन नए पद
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए तीन नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें आयुक्त/संचालक, अपर संचालक और अपर संचालक स्तर के विशेषज्ञ का एक-एक पद शामिल है। इससे प्रशासनिक समन्वय, पर्यवेक्षण और नीतिगत सुधारों के क्रियान्वयन को गति देने का लक्ष्य है।
17. वन विभाग में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का पद
नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में वन मुख्यालय के लिए पे-लेवल-16 का विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित करने की मंजूरी दी गई है। इससे पीएम गति-शक्ति, प्रगति और परिवेश पोर्टल से जुड़े कार्यों के समन्वय एवं त्वरित निष्पादन में मदद मिलेगी।
18. परिवार पेंशन संबंधी निर्णय
मंत्रिपरिषद ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला, सह प्राध्यापक, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर पात्र परिवारजनों को परिवार पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति दी गई है।
19. कृषक उन्नति योजना में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने खरीफ-2026 के लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। साथ ही धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर देने का निर्णय लिया गया है।
सरकार के अनुसार, इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण तथा नई कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।







