नई दिल्ली (विश्व परिवार)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहली बार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जंतर-मंतर से वांगचुक को हटाने की कार्रवाई को गलत बताते हुए मोदी सरकार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने का आरोप लगाया।
शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन स्थल से सोनम वांगचुक को हटाया और उन्हें वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) ले जाकर भर्ती कराया। बाद में उन्हें सफदरजंग अस्पताल रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई।
राहुल गांधी बोले- ‘सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा, “मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से हटाना, जबकि वे अहिंसक भूख हड़ताल पर थे, गलत है।”
उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े गंभीर सवाल हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन “कोई भी ताकत भारत के छात्रों और हममें से उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उनमें विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।”
जंतर-मंतर से हटाने के बाद बढ़ा सियासी विवाद
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्षी दल सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया। राहुल गांधी की यह पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब सोनम वांगचुक का प्रदर्शन और छात्रों से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।







